Bihar Cabinet Decision: बिहार सरकार की सम्राट कैबिनेट ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का फैसला किया है। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छठवें वेतनमान के तहत कार्यरत सरकारी सेवकों और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन तथा पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
सरकार के इस निर्णय का फायदा विभिन्न विभागों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों और सेवानिवृत्त पेंशनरों को मिलेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक DA मिलेगा, जिससे लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दिनांक 01 जनवरी 2026 के प्रभाव से महंगाई भत्ता एवं राहत की दर 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है। इस फैसले का लाभ राज्य सरकार के उन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा जो अभी भी षष्ठम् केन्द्रीय वेतनमान के अंतर्गत वेतन या पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। वित्त विभाग की उप सचिव (व्यय) रचना पाटिल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी। सरकार के इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी।
वहीं पंचम् केन्द्रीय वेतनमान के तहत वेतन एवं पेंशन प्राप्त कर रहे सरकारी सेवकों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी राहत दी गई है। इनके लिए महंगाई भत्ता एवं राहत की दर 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दी गई है। यह फैसला भी 01 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा।
जबकि, सप्तम् केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के अंतर्गत आने वाले सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता एवं राहत की दर 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है। यह बढ़ोतरी 01 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
सम्राट कैबिनेट के इस फैसले से न्यूनतम 390 और अधिकतम 4500 रुपए तक का फायदा। यानी राज्य में सबसे कम 19000 हजार रुपए मूल वेतन पाने वाले कर्मचारियों के वेतन में 390 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोतरी होगी। जबकि शीर्ष स्तर पर: 2.25 लाख रुपए मूल वेतन वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिमाह 4500 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। इस तरह से पेंशनर्स: इसी फॉर्मूले के तहत पेंशनरों की मासिक पेंशन में 250 रुपए से लेकर 2200 रुपए तक की वृद्धि सुनिश्चित की गई है।