PATNA: बिहार सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों पर बढ़ते अतिक्रमण, अनधिकृत पार्किंग और असुरक्षित व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती दिखाते हुए व्यापक अभियान चलाने का फैसला किया है। सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। 


राष्ट्रीय उच्च पथों पर बढ़ते अतिक्रमण, अनधिकृत पार्किंग एवं असुरक्षित व्यावसायिक गतिविधियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इस संबंध में बुधवार को मुख्य सचिव, बिहार श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् के सभी पणधारी विभागों यथा परिवहन विभाग, पथ निर्माण, एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पुलिस मुख्यालय के साथ बैठक की। इस मौके पर नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पकंज कुमार पाल, अपर पुलिस महानिदेशक, (यातायात) श्री सुधांशु कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त श्री आरिफ असहन इत्यादि उपस्थित थे। 


सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन को लेकर बैठक

उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी एवं तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में राष्ट्रीय उच्च पथों पर अतिक्रमण एवं अनधिकृत पार्किंग के कारण हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इन घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए माननीय सर्वाेच्च न्यायालय ने सभी राज्यों को सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय उच्च पथों को अतिक्रमण एवं अवैध गतिविधियों से मुक्त कराने हेतु आवश्यक निर्देश जारी किये थे।


केवल निर्धारित स्थलों पर ही होगी वाहनों की पार्किंग

इसी क्रम में बिहार सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में भारी एवं व्यावसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अब वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित ट्रक ले-बाय एवं वे-साइड अमेनिटी स्थलों पर ही की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी।


20 दिनों के भीतर हटाने होंगे अवैध ढाबे एवं संरचनाएँ

राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में स्थित अनधिकृत ढाबा, होटल एवं अन्य व्यावसायिक संरचनाओं को 20 दिनों के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित अवधि के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध संरचनाओं को हटाया जायेगा। इस कार्रवाई में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग एवं स्थानीय निकायों की सहभागिता रहेगी।


नए व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक

बिहार सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किसी भी नये ढाबा, होटल अथवा व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। किसी भी नई संरचना के निर्माण से पूर्व संबंधित विभाग - एनएचएआई, एनएच अथवा पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।


पहुंच पथ निर्माण नहीं करने पर होगी कार्रवाई

वैसे ढाबा, होटल एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान जिनका प्रवेश सीधे राष्ट्रीय उच्च पथ से है, उन्हें स्वयं वैकल्पिक पहुंच पथ का निर्माण करते हुए प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करनी होगी। अन्यथा संबंधित अधिनियम कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवे एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जायेगी।


हाईवे सेफ्टी जोन में भी एनोसी अनिवार्य

पथ निर्माण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र के बाहर, किन्तु हाईवे सेफ्टी जोन (आवासीय क्षेत्र हेतु 40 मीटर एवं व्यावसायिक क्षेत्र हेतु 75 मीटर) के भीतर स्थित संरचनाओं को भी संबंधित विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।


1033 एवं राजमार्ग यात्रा ऐप पर दें सूचना

राष्ट्रीय उच्च पथों पर अतिक्रमण एवं अनधिकृत पार्किंग की सूचना आमजन टोल-फ्री नंबर 1033 तथा राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से दे सकते हैं। बिहार सरकार ने सभी नागरिकों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं वाहन संचालकों से सड़क सुरक्षा एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।