Bihar News : बिहार में किसानों को सिंचाई के लिए अब गंगा नदी के पानी का लाभ मिलने की तैयारी है। राज्य सरकार की योजना है कि गंगा के पानी को अलग-अलग इलाकों के खेतों तक पहुंचाया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। इसके साथ ही मुंगेर से भागलपुर के बीच गंगा किनारे 85 किलोमीटर लंबे गंगा पथ (मरीन ड्राइव) का निर्माण भी जल्द शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को मुंगेर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन दोनों महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले दो महीने के भीतर मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड के कल्याणपुर में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बिहार में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, गंगा नदी के पानी का उपयोग करने और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी का पानी बिहार के किसानों के लिए एक बड़ा संसाधन है। इसका बेहतर इस्तेमाल करके खेती को नई मजबूती दी जा सकती है। सरकार की योजना है कि गंगा के पानी को सिर्फ नदी तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसका इस्तेमाल सिंचाई के लिए भी किया जाए। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर बांध और जल संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से गंगा का पानी खेतों तक पहुंचाने की योजना है।
सम्राट चौधरी ने गंगा नदी के जल प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार के साथ हुए समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2 नवंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में गंगा नदी से गाद निकालने और जल प्रबंधन से जुड़े संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को लेकर समझौता किया गया है। इसका उद्देश्य नदी की क्षमता का बेहतर उपयोग करना और पानी को उपयोगी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हर साल बाढ़ के कारण कई इलाकों में फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। दशहरा के दौरान नेपाल की तराई और सोन नदी से आने वाला पानी गंगा में मिला, जिसके कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। ऐसे में गंगा नदी के पानी का सही प्रबंधन बेहद जरूरी है। सरकार की कोशिश है कि जल संसाधनों का इस्तेमाल इस तरह किया जाए, जिससे एक तरफ बाढ़ से होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिले और दूसरी तरफ किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके।
मुंगेर और भागलपुर के बीच गंगा किनारे बनने वाला गंगा पथ भी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि करीब 85 किलोमीटर लंबे इस गंगा पथ का निर्माण अगले दो महीने में शुरू करा दिया जाएगा। इसके बनने से मुंगेर और भागलपुर के बीच आवागमन पहले के मुकाबले काफी आसान होने की उम्मीद है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों को भी इससे बड़ी राहत मिल सकती है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले बिहार के लोगों को मुंबई का मरीन ड्राइव देखने के लिए जाना पड़ता था। इसके बाद पटना में भी गंगा किनारे गंगा पथ का निर्माण हुआ। अब मुंगेर से भागलपुर तक भी इसी तरह की सड़क विकसित की जाएगी। इससे न केवल यातायात की सुविधा बेहतर होगी, बल्कि इस इलाके की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क निर्माण से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय कारोबार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने बिहार में रोजगार और उद्योगों को लेकर भी अपनी सरकार का लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2030 से पहले बिहार में ऐसी व्यवस्था तैयार कर दी जाए, जिससे राज्य के किसी भी व्यक्ति को मजबूरी में मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़े। इसके लिए बिहार में ही बेहतर नौकरी, व्यवसाय और रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ने तथा एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए बिहार में उद्योगों का विस्तार किया जाएगा और निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और युवाओं को राज्य में ही काम उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कल्याणपुर स्थित श्री श्री 108 बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर में पूजा-अर्चना की और बिहार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। दीपावली की पूर्व संध्या पर आयोजित दीपोत्सव में एक साथ 11 लाख 11 हजार 111 दीप जलाए गए। इतनी बड़ी संख्या में दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर और आसपास का इलाका जगमगा उठा। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन के लिए यूथ क्लब, चिकित्सक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे और स्थानीय लोगों को बधाई दी।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बाद अब मुंगेर और भागलपुर के लोगों की नजरें गंगा पथ के निर्माण की शुरुआत पर टिकी हैं। वहीं, खेतों तक गंगाजल पहुंचाने की योजना जमीन पर उतरती है तो इससे सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है।