PATNA: दीपावली और छठ पूजा के त्योहारों के बीच बिहार में मिलावटखोरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। पटना समेत राज्य के सभी 38 जिलों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और छापेमारी की जा रही है। खास बात यह है कि त्योहार खत्म होने के बाद भी यह अभियान जारी रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने साफ कहा है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को बंद करने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि और स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर राज्यभर में मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, वैशाली, रोहतास समेत बिहार के सभी 38 जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें जांच और छापेमारी कर रही हैं।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि लोगों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। दूध, फल, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों में जाकर सैंपल लेने और उनकी जांच कराने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले तीन महीनों में राज्य के करीब 38 जिलों में 530 निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान कई जगहों पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। कहीं साफ-सफाई की कमी मिली, तो कहीं एक्सपायरी खाद्य सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत सामने आई। अनियमितता मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और कई मामलों में 14 दिनों का नोटिस भी दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, डिपार्टमेंटल स्टोर और मिनरल वाटर की दुकानों पर भी लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान सिर्फ दीपावली और छठ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सालभर जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग में मानव बल की कमी दूर करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि जांच अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने आम लोगों से भी खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पैकेट बंद सामान खरीदते समय उसकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने पर स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
वहीं, खाद्य कारोबारियों को भी चेतावनी दी गई है कि वे लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं, अन्यथा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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