Bihar Flood Update: बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बैराजों से छोड़े जा रहे पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संसाधन विभाग (WRD), बिहार की ओर से 5 सितंबर 2026 की सुबह जारी बैराज डिस्चार्ज रिपोर्ट में तीन प्रमुख बैराजों—सोन बैराज इंद्रपुरी, कोसी बैराज बीरपुर और गंडक बैराज वाल्मीकिनगर—से पानी के प्रवाह की स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक सोन और कोसी बैराज से पानी का डिस्चार्ज घट रहा है, जबकि गंडक बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ने का ट्रेंड दर्ज किया गया है।
बाढ़ के लिहाज से यह अपडेट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैराजों से निकलने वाले पानी का सीधा असर संबंधित नदियों के जलस्तर और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पर पड़ सकता है। खासकर गंडक नदी के आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन और लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
सोन बैराज इंद्रपुरी से डिस्चार्ज में लगातार गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार सोन बैराज इंद्रपुरी की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 14.58 लाख क्यूसेक है। सुबह 5 बजे यहां से 5,11,867 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। इसके बाद 6 बजे यह घटकर 4,69,732 क्यूसेक, 7 बजे 4,56,836 क्यूसेक और सुबह 8 बजे 4,16,749 क्यूसेक रह गया।
यानी महज तीन घंटे के दौरान सोन बैराज से पानी के बहाव में लगातार कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट में भी इसका ट्रेंड 'Falling' यानी गिरता हुआ बताया गया है। लगातार गिरता डिस्चार्ज फिलहाल राहत का संकेत माना जा सकता है, हालांकि नदी के जलस्तर पर स्थानीय परिस्थितियों का असर भी महत्वपूर्ण रहेगा।
कोसी बैराज बीरपुर में भी पानी का प्रवाह घटा
उत्तर बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण कोसी बैराज बीरपुर से भी सुबह के आंकड़े राहत देने वाले हैं। इसकी डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 9.50 लाख क्यूसेक है।सुबह 5 बजे से 7 बजे तक यहां डिस्चार्ज 1,80,080 क्यूसेक पर स्थिर रहा। इसके बाद सुबह 8 बजे यह घटकर 1,71,560 क्यूसेक हो गया। विभागीय रिपोर्ट में कोसी बैराज का ट्रेंड भी 'Falling' दर्ज किया गया है। कोसी नदी को बिहार की बाढ़ की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में बैराज से पानी के डिस्चार्ज में कमी आने की खबर उन इलाकों के लिए राहत भरी है, जहां नदी के जलस्तर को लेकर चिंता बनी रहती है।
गंडक बैराज वाल्मीकिनगर में बढ़ा पानी का दबाव
हालांकि गंडक नदी के मोर्चे पर तस्वीर थोड़ी अलग है। गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने का ट्रेंड सामने आया है। बैराज की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 8.50 लाख क्यूसेक बताई गई है। सुबह 5 बजे यहां से 1,33,200 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। 6 बजे डिस्चार्ज बढ़कर 1,40,700 क्यूसेक हो गया और 7 बजे भी यह 1,40,700 क्यूसेक रहा। सुबह 8 बजे इसमें और वृद्धि हुई और डिस्चार्ज 1,43,200 क्यूसेक दर्ज किया गया।
रिपोर्ट में गंडक बैराज का ट्रेंड 'Rising' यानी बढ़ता हुआ बताया गया है। ऐसे में गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
तीन बैराजों की स्थिति ने बढ़ाई निगरानी की जरूरत
5 सितंबर की सुबह 8 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों को देखें तो तीनों प्रमुख बैराजों की स्थिति अलग-अलग है। सोन और कोसी बैराज से पानी का डिस्चार्ज घट रहा है, जबकि गंडक बैराज से प्रवाह बढ़ रहा है। इसका मतलब है कि बिहार में बाढ़ की स्थिति को केवल एक नदी के आधार पर नहीं देखा जा सकता। अलग-अलग नदियों और बैराजों के जल प्रवाह पर लगातार निगरानी जरूरी है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ट्रेंड पिछले दो घंटे के आंकड़ों के आधार पर निर्धारित किया गया है। इसलिए आने वाले घंटों में आंकड़ों में बदलाव संभव है। खासकर गंडक के मामले में बढ़ते डिस्चार्ज को देखते हुए नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्कता बनाए रखनी होगी।
प्रशासन की निगाह बैराजों के हर अपडेट पर
बिहार में बाढ़ के मौसम के दौरान बैराज डिस्चार्ज के आंकड़े बेहद अहम होते हैं। पानी का बहाव बढ़ने या घटने के साथ नदी के जलस्तर में भी बदलाव हो सकता है। ऐसे में तटबंधों, निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल 5 सितंबर की सुबह की रिपोर्ट में सोन और कोसी से राहत का संकेत, जबकि गंडक से बढ़ते दबाव का संकेत मिल रहा है। आने वाले घंटों में बैराजों से पानी के डिस्चार्ज और नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर सबकी नजर रहेगी।