Bihar Flood : बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जल संसाधन विभाग की ओर से जारी बैराज डिस्चार्ज के आंकड़े राहत और चिंता दोनों संकेत दे रहे हैं। 3 सितंबर 2026 की सुबह 10 बजे तक राज्य के प्रमुख बैराजों से पानी का बहाव अलग-अलग स्तर पर दर्ज किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सोन बराज इंद्रपुरी से पानी के डिस्चार्ज में लगातार गिरावट देखी गई है, जबकि कोसी बराज बीरपुर और गंडक बराज वाल्मीकिनगर से पानी का बहाव स्थिर बना हुआ है।

जल संसाधन विभाग, बिहार के आंकड़ों के अनुसार, सोन बराज इंद्रपुरी से सुबह 10 बजे तक 4,74,490 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। सुबह 6 बजे यह आंकड़ा 5,17,066 क्यूसेक था। इसके बाद 8 बजे 5,03,097 क्यूसेक और 9 बजे 5,01,431 क्यूसेक दर्ज किया गया। यानी कुछ घंटों के भीतर सोन बराज से पानी के डिस्चार्ज में लगातार कमी आई है। विभाग ने इसका ट्रेंड 'Falling' यानी गिरता हुआ दर्ज किया है।

कोसी बराज से 2.11 लाख क्यूसेक पानी

नेपाल और बिहार के लिए महत्वपूर्ण कोसी बराज, बीरपुर से भी बड़ी मात्रा में पानी का बहाव जारी है। आंकड़ों के मुताबिक सुबह 6 बजे और 8 बजे यहां से 2,15,490 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। सुबह 9 बजे यह घटकर 2,11,115 क्यूसेक हो गया और 10 बजे भी यही स्तर बना रहा।

जल संसाधन विभाग ने कोसी बराज के पानी के बहाव का ट्रेंड 'Steady' यानी स्थिर बताया है। कोसी बराज की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 9.50 लाख क्यूसेक बताई गई है। ऐसे में फिलहाल दर्ज डिस्चार्ज डिजाइन क्षमता से काफी नीचे है, लेकिन नदी के बहाव पर लगातार निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

गंडक बराज वाल्मीकिनगर से 1.63 लाख क्यूसेक

गंडक बराज, वाल्मीकिनगर से सुबह 10 बजे तक 1,63,400 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। सुबह 6 बजे यह 1,60,700 क्यूसेक था, जबकि 8 बजे बढ़कर 1,63,400 क्यूसेक हो गया। 9 बजे और 10 बजे भी पानी का बहाव 1,63,400 क्यूसेक ही रहा। विभाग ने गंडक बराज के डिस्चार्ज का ट्रेंड भी 'Steady' बताया है। इसकी डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 8.50 लाख क्यूसेक है। इसका मतलब है कि सुबह के शुरुआती घंटों में बढ़ोतरी के बाद फिलहाल बहाव एक ही स्तर पर बना हुआ है।

सोन में गिरावट, कोसी और गंडक पर निगरानी जरूरी

तीनों प्रमुख बैराजों के आंकड़ों को देखें तो फिलहाल सोन बराज से पानी का डिस्चार्ज घटने की स्थिति सामने आई है। वहीं कोसी और गंडक बराज से पानी का बहाव स्थिर है। हालांकि बिहार में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए इन नदियों के डिस्चार्ज में होने वाले छोटे बदलाव भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

बैराजों से छोड़ा गया पानी आगे नदी के प्रवाह को प्रभावित करता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए नदी के जलस्तर और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर बनाए रखना जरूरी है। खासकर तटबंधों और नदी किनारे बसे इलाकों में जलस्तर में बदलाव की लगातार निगरानी की जरूरत बनी रहती है।

जल संसाधन विभाग के 3 सितंबर 2026, सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार स्थिति यह है—सोन बराज इंद्रपुरी से 4,74,490 क्यूसेक, कोसी बराज बीरपुर से 2,11,115 क्यूसेक और गंडक बराज वाल्मीकिनगर से 1,63,400 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। आने वाले घंटों में इन आंकड़ों में बदलाव संभव है, इसलिए नदी और बैराजों की ताजा स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।