PATNA: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री-सह-ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों से संबंधित समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बाढ़ 2026 की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी० कार्तिकेय धनजी, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह तथा डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने अपने-अपने विभागों द्वारा बाढ़ के दौरान की गई व्यवस्थाओं, राहत कार्यों तथा बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
विभिन्न विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित आधारभूत संरचनाओं, कृषि एवं अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी बिहार आये और विभिन्न बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण तथा स्थलीय निरीक्षण कर वस्तुस्थिति से अवगत हुये। केंद्रीय टीम के साथ आपने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया, इसके लिये आभार प्रकट करता हूं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के प्रति भी आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने आपके नेतृत्व में केन्द्रीय टीम को बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के यहां भेजा।
बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान एवं आवश्यक राहत उपलब्ध कराने को लेकर प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री को केंद्रीय टीम द्वारा अवगत कराया जाएगा। बिहार को बाढ़ राहत में अधिकतम सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। केला, मक्का, लीची आदि फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की दिशा में केन्द्र सरकार द्वारा कार्य किया जाएगा, जिससे बेहतर गुणवत्ता वाली फसलों की पैदावार हो सके, बिहार के किसानों की आय बढ़े तथा कृषि उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने की संभावनाओं को बल मिले। बाढ़ से हुए नुकसान का पूर्ण आकलन दुर्गा पूजा से पहले पूरा कर राज्य सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण प्रत्येक वर्ष बाढ़ की त्रासदी से प्रभावित रहता है। इस वर्ष बाढ़ से लगभग 15 जिले के 88 प्रखण्ड के 50 लाख लोग प्रभावित हुये हैं। राज्य सरकार आपदा पीड़ितों की मदद के लिये लगातार खड़ी रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों को एक हजार से अधिक सामुदायिक रसोई केन्द्रों के माध्यम से लगभग 1 करोड़ 62 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। बाढ़ राहत शिविर में लोगों को सभी बुनियादी सुविधायें उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में सभी संबद्ध विभागों ने केन्द्रीय मंत्री एवं उनकी टीम के सामने राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी दी है। बाढ़ से क्षति को लेकर आकलन कराया जा रहा है। बाढ़ से बिहार हर साल प्रभावित रहता है, इसके स्थायी समाधान के लिये काम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम दृष्टया केंद्रीय मंत्री एवं उनकी टीम ने जो स्थिति को देखा है, उससे प्रधानमंत्री जी को भी अवगत करायेंगे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा आकलन दुर्गा पूजा से पहले कर लिया जाएगा तथा इसकी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। भारत सरकार का बिहार को हमेशा सहयोग मिलता रहा है और इस बार भी बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन के आधार पर केंद्र सरकार से अधिकतम सहायता की उम्मीद है।
समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में बिहार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बिहार ने बाढ़ राहत के क्षेत्र में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा बाढ़ के दौरान तत्परतापूर्वक एवं बेहतर तरीके से किए गए राहत कार्यों की सराहना की तथा इसके लिए धन्यवाद दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ से आधारभूत संरचनाओं एवं फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। केला, मक्का, धान सहित अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। केला, मक्का, लीची आदि फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे बेहतर गुणवत्ता वाली फसलों की पैदावार हो सके, किसानों की आय बढ़े तथा कृषि उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने की संभावनाओं को बल मिले।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि वर्तमान परिस्थितियों में बिहार को अधिकतम सहयोग कैसे उपलब्ध कराया जा सके, इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा बाढ़ से हुए नुकसान एवं बिहार की आवश्यकताओं को माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय गृह मंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाने, जीविका दीदियों को सहायता उपलब्ध कराने तथा किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिहार को बाढ़ राहत में अधिकतम सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सदा, ग्रामीण कार्य मंत्री श्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के कृषि आयुक्त डॉ० पी०के० सिंह, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष कुमार मल्ल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, भारत सरकार में संयुक्त सचिव श्री पीयूष श्रीवास्तव, ग्रामीण आजीविका, भारत सरकार की निदेशक श्रीमती राजेश्वरी एस०एम०, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अजय यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव श्री बी० कार्तिकेय धनजी, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव श्री शीर्षत कपिल अशोक सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं केन्द्रीय टीम के सदस्य उपस्थित थे।