वैशाली: बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत राशि देने का काम तेज कर दिया गया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के बैंक खातों में सरकार की ओर से 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को वैशाली के बाढ़ प्रभावित तेरसिया और सरायपुर पंचायत का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और राहत राशि मिलने की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों के बीच पहुंचकर उनसे पूछा कि क्या उनके बैंक खाते में 7 हजार रुपये की राहत राशि पहुंच गई है? ग्रामीणों में कुछ लोगों ने बताया कि उनके खाते में पैसा आ चुका है, जबकि कुछ परिवारों ने राशि नहीं मिलने की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बाढ़ प्रभावित परिवारों के खाते में अब तक राहत राशि नहीं पहुंची है, वे सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलने के बाद ऐसे लोगों के खाते में 24 घंटे के भीतर राशि भेजने की कार्रवाई की जाएगी।

जिनके खाते में पैसा नहीं आया, वे तुरंत करें शिकायत

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बाढ़ से प्रभावित कोई भी परिवार राहत से वंचित न रहे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अगर किसी पात्र परिवार को अब तक 7 हजार रुपये नहीं मिले हैं तो वे इंतजार न करें और सहयोग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लोगों तक इस व्यवस्था की जानकारी पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री के अनुसार, गांव-गांव जाकर अनाउंसमेंट कराया जाएगा, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत राशि और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि बाढ़ प्रभावित सभी लोगों को सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जिन लोगों को अभी पैसा नहीं मिला है, उनकी शिकायत का समाधान कर जल्द भुगतान कराया जाएगा।

ग्रामीणों ने उठाया पार्टी पॉलिटिक्स का मुद्दा

सरायपुर पंचायत में मुख्यमंत्री के सामने ग्रामीणों ने राहत वितरण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि पर पार्टी पॉलिटिक्स करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि राहत वितरण में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर सभी प्रभावित परिवारों तक निष्पक्ष तरीके से मदद पहुंचाई जाए।

ग्रामीणों की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राहत के मामले में किसी तरह की पार्टी पॉलिटिक्स नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण हर प्रभावित परिवार को परेशानी झेलनी पड़ रही है, इसलिए सहायता सभी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राहत देने के मामले में यह नहीं देखा जाएगा कि किसने किसे वोट दिया या किस राजनीतिक दल से उसका संबंध है। उनका कहना था कि राहत का वोट से कोई मतलब नहीं है। बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानी को देखते हुए सरकार की ओर से सभी पात्र लोगों को मदद दी जाएगी।

गांव-गांव पहुंचेगी राहत की जानकारी

मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली। सरकार की ओर से राहत राशि वितरण के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने पर जोर दिया जा रहा है।

तेरसिया और सरायपुर पंचायत के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

सरकार की ओर से अब गांवों में अनाउंसमेंट कराने की तैयारी है, ताकि जिन परिवारों के खाते में अब तक सहायता राशि नहीं पहुंची है, वे समय रहते शिकायत दर्ज करा सकें। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में किसी भी प्रभावित परिवार को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।