Bihar Flood Relief: बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं। बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्र की टीम ने राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और पीड़ितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं, बिहार सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को 7-7 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता राशि दी जा रही है।



15 सितंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डीबीटी के माध्यम से 579.23 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी। इस चरण में बिहार के 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ प्रभावित परिवारों को लाभ मिला था। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिन्हें राहत राशि नहीं मिल सकी है। ऐसे परिवार अब सहायता राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं।



बिहार सरकार ने राहत राशि से वंचित रह गए बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए संपूर्ति पोर्टल दोबारा खोल दिया है। पात्र परिवार राहत राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए पीड़ित परिवार अपने पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव या वार्ड सदस्य को लिखित आवेदन दे सकते हैं। इसके अलावा संबंधित सीओ कार्यालय या जिला आपदा शाखा में भी आवेदन जमा किया जा सकता है।



बाढ़ राहत राशि के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे। इनमें परिवार के मुखिया का आधार कार्ड, चालू मोबाइल नंबर, बैंक खाते की फोटो कॉपी, राशन कार्ड, यदि उपलब्ध हो तो देना होगा। आवेदन जमा होने के बाद पंचायत स्तरीय अनुश्रवण समिति इसकी जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद अंचल अधिकारी (सीओ) पात्र बाढ़ पीड़ित का नाम और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी संपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करेंगे। दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र परिवार के बैंक खाते में सीधे 7 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।



नेपाल में हो रही बारिश और पिछले दिनों आई बाढ़ के कारण बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। कई नदियां खतरे के लाल निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, फिलहाल राज्य के 15 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।



बताया गया है कि इन जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ऐसे में जिन पात्र परिवारों को अब तक 7 हजार रुपये की राहत राशि नहीं मिली है, वे संबंधित स्तर पर आवेदन कर सकते हैं।