Bihar Flood Alert: बिहार में संभावित बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने बाढ़ अवधि के दौरान इंजीनियरों और संबंधित पदाधिकारियों की सभी प्रकार की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभागीय सचिव चंद्रशेखर सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।


आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बाढ़ सुरक्षा कार्य में लगे अभियंताओं और अधिकारियों को इस अवधि में क्षेत्रीय स्तर पर किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में मुख्य अभियंता की अनुशंसा पर मुख्यालय से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही अवकाश मिल सकेगा। इसकी सूचना संबंधित जिला प्रशासन को भी देनी होगी।


जल संसाधन विभाग ने चेतावनी दी है कि बाढ़ अवधि के दौरान बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अभियंताओं को विधि-व्यवस्था संबंधी कार्यों से मुक्त रखते हुए पूरी तरह बाढ़ सुरक्षा और तटबंध निगरानी के कार्य में लगाया जाएगा।


विभाग ने सभी अभियंताओं के मोबाइल नंबरों की सूची तैयार कर आपस में साझा करने का निर्देश दिया है। साथ ही अधिकारियों और अभियंताओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मोबाइल ट्रैकिंग की व्यवस्था भी की गई है।


बाढ़ अवधि में 184 वायरलेस सेट उपलब्ध कराए गए हैं और इंजीनियरों की 24 घंटे रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। मुख्यालय के अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए छह विशेष दलों का गठन भी किया गया है।


विभाग के अनुसार पिछले वर्ष विभिन्न नदियों में रिकॉर्ड जलस्तर और बाढ़ की स्थिति के दौरान अभियंताओं, तटबंध सुरक्षा कर्मियों, पुलिस, श्रमिकों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता महसूस की गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए जून से अक्टूबर तक प्रत्येक महीने के प्रथम सप्ताह में समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।



विभाग ने सभी जिलों को बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील स्थलों की पहचान कर उनकी श्रेणी तय करने तथा नियमित रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया है। तटबंधों के कमजोर हिस्सों की मरम्मत, संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत और महामारी की रोकथाम के लिए दवाओं की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है।


इस वर्ष बाढ़ पूर्व सुरक्षा के तहत राज्य में 384 योजनाओं पर कार्य पूरा किया गया है। इन योजनाओं पर कुल 1117 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। विभाग का दावा है कि इन कार्यों से बाढ़ के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। बाढ़ से संबंधित शिकायतों और सूचनाओं के लिए जल संसाधन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0612-2206669, 0612-2215850 तथा टोल-फ्री नंबर 18003456145 जारी किया है। यह सेवा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी।


मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, जिलाधिकारियों, एसएसपी और एसपी को पत्र लिखकर बाढ़ अवधि में पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों और अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मुख्य सचिव ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करने तथा बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भी निर्देश दिया है।