Bihar Flood : पटना में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा, पुनपुन और सोन नदियों के बढ़े जलस्तर ने जिले के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं सड़क पर कई फीट पानी बह रहा है तो कहीं मकान और सड़कें पानी के दबाव में टूट रही हैं। इस बीच पुनपुन रेल पुल के पास जलस्तर बढ़ने से 10 मेमू ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है।
पटना जिले में बाढ़ का असर अब सड़क और रेल यातायात पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पुनपुन-परसा बाजार स्टेशन के बीच रेल पुल संख्या-21 के पास जलस्तर बढ़ने के कारण सोमवार को 10 मेमू ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया। इसके अलावा कई ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है।
ट्रेनों के रद्द होने से पटना जंक्शन और दूसरे स्टेशनों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना ट्रेन से सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और अन्य यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, निजी बस ऑपरेटरों पर मनमाना किराया वसूलने के आरोप भी सामने आ रहे हैं।
पुनपुन रेल पुल पर बढ़ा पानी, 10 मेमू ट्रेनें रद्द
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए 63242 गया-पटना, 63244 गया-पटना, 63245 पटना-गया, 63247 पटना-गया, 63248 गया-पटना, 63250 गया-पटना, 63251 पटना-गया, 63253 पटना-गया, 63256 गया-पटना और 63274 पटना-राजगीर मेमू ट्रेनों को रद्द किया गया है।
वहीं, हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस समेत कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है। रेलवे के अनुसार, जलस्तर सामान्य होने के बाद नियमित परिचालन बहाल किया जाएगा।
3.19 लाख की आबादी बाढ़ से घिरी
पटना जिले के 11 प्रखंडों में गंगा, पुनपुन और सोन का पानी पहुंच चुका है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक करीब 3.19 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा के पानी से लगभग दो लाख, पुनपुन से करीब 1.10 लाख और सोन नदी से करीब 21 हजार की आबादी प्रभावित बताई गई है। मोकामा, अथमलगोला, फतुहा और मनेर की 44 पंचायतों के अलावा बख्तियारपुर नगर परिषद के तीन वार्ड भी बाढ़ की चपेट में हैं।
मोकामा, अथमलगोला और बख्तियारपुर में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक से तीन फीट तक पानी बह रहा है। मोकामा के शिवनार, बहपुर और अथमलगोला के सबनीमा में पुराने एनएच-31 पर गंगा का पानी सड़क के ऊपर बह रहा है। हाथीदह के महेंद्रपुर गांव के पास एनएच-80 पर भी पानी का दबाव बना हुआ है। बख्तियारपुर के रबाईच स्थित जेएमटी स्कूल के पास एसएच-106 पर करीब तीन फीट पानी बहने की बात सामने आई है।
पुनपुन शहर के 500 घरों में घुसा पानी
बाढ़ का पानी अब शहरी इलाकों तक पहुंच गया है। पुनपुन शहर में करीब 500 घरों में नदी का पानी घुस गया है। पटना-गया एनएच से पुनपुन पिंडदान स्थल जाने वाली सड़क पर भी पानी बह रहा है। बरावां, लखनपार, पैमार, लखना उत्तर-पश्चिम, लखना पूर्वी और बेहरावां पंचायतों में जलभराव की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। इन इलाकों में करीब 20 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं। बख्तियारपुर शहर के कई हिस्सों में भी गंगा का पानी प्रवेश कर गया है। रबाईच और रानीसराय की ओर से पानी शहर में पहुंचने के बाद करीब 10 वार्ड प्रभावित हुए हैं। निचले इलाकों की गलियों और सड़कों पर पानी बह रहा है।
बिहटा-सरमेरा फोरलेन धंसा, सड़क पर बना गहरा गड्ढा
बाढ़ के बीच बिहटा-सरमेरा फोरलेन एनएच-131जी पर भी संकट खड़ा हो गया है। पुनपुन नदी के पानी के दबाव से नेवां के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया। सड़क धंसने के बाद करीब तीन फीट गहरा गड्ढा बन गया। ग्रामीणों की नजर समय रहते गड्ढे पर पड़ गई, जिसके बाद वाहनों को रोक दिया गया। आसपास बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है। सड़क धंसने के कारण करीब एक किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। सूचना के बाद सड़क की मरम्मत का काम शुरू कराया गया। इस घटना ने बाढ़ के बीच महत्वपूर्ण सड़कों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पुनपुन का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर
पुनपुन नदी का जलस्तर 53.46 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 50.60 मीटर बताया गया है। वर्ष 2019 में पुनपुन का जलस्तर 53.44 मीटर दर्ज किया गया था। ऐसे में मौजूदा जलस्तर चिंता बढ़ाने वाला है।
दानापुर में सुरक्षा बांध से पानी का रिसाव
दानापुर छावनी क्षेत्र में भी बाढ़ का दबाव दिखाई दिया। गंगा सुरक्षा बांध में पानी निकासी के लिए बनी नाली से पानी रिसने लगा। पोस्ट ऑफिस ग्राउंड, शाहपुर और दाउदपुर इलाके में पानी प्रवेश करने की स्थिति बनी। सूचना मिलते ही विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर बालू से भरे बोरे लगाकर रिसाव को रोकने का प्रयास किया। अधिकारियों ने इलाके का निरीक्षण कर सुरक्षा बांध और जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया।
फतुहा में बाढ़ पीड़ितों का फोरलेन पर प्रदर्शन
बाढ़ से परेशान सैकड़ों लोगों ने रविवार शाम फतुहा के सुकुलपुर के पास दीदारगंज-बख्तियारपुर फोरलेन के अप लेन को जाम कर दिया। कई बाढ़ पीड़ित अपने परिवार और मवेशियों के साथ सड़क पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इलाके में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है और लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। जाम के कारण फोरलेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने बाद में डाउन लेन से दोनों ओर के वाहनों का परिचालन शुरू कराया।
बाढ़ के पानी में पक्का मकान ध्वस्त
मनेर की किता चौहत्तर पूर्वी पंचायत के छिहतर गांव में बाढ़ के पानी के बीच एक पक्का मकान ध्वस्त हो गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन घर में रखा अनाज, कपड़े और घरेलू सामान समेत जरूरी वस्तुएं मलबे में दब गईं।
हल्दीछपरा संगम घाट पर अंतिम संस्कार भी बंद
सोन और गंगा नदियों के उफान का असर अंतिम संस्कार पर भी पड़ा है। जलस्तर बढ़ने के कारण हल्दीछपरा संगम घाट पर अंतिम संस्कार का काम बंद करना पड़ा है। वहीं, पुनपुन के पानी के दबाव से डुमरी-बेलदारीचक सड़क भी बलुआचक के पास टूट गई। इससे आसपास के गांवों में आने-जाने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
फिलहाल राहत की उम्मीद कम
पटना में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नदियों का पानी अब खेतों और गांवों से आगे बढ़कर सड़क, रेल लाइन और शहरी इलाकों तक पहुंच चुका है। यातायात बाधित होने के साथ-साथ लोगों के सामने सुरक्षित स्थान, आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों की चुनौती खड़ी हो गई है।ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के साथ-साथ सड़क, रेल पुल और बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।