Bihar News : बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। उत्तर बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने और तटबंधों पर दबाव बढ़ने से हालात बिगड़ गए हैं। सारण और मुजफ्फरपुर में गुरुवार को दो और जगह तटबंध टूटने के बाद कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव अभियान में वायुसेना की भी मदद ली जा रही है।
गंडक नदी में बढ़े जलप्रवाह का असर पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर के कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। नदी के किनारे बसे गांवों में पानी तेजी से फैल रहा है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जबकि ग्रामीणों के सामने भोजन, पीने के पानी और पशुओं के चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है।
गुरुवार को सारण जिले के पानापुर प्रखंड के सरौजा-भगवानपुर के पास पानी के दबाव के कारण गंडक का बांध टूट गया। बांध टूटने के बाद आसपास के करीब छह गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। पानापुर के अलावा मकेर, तरैया, अमनौर, परसा और दरियापुर प्रखंडों में भी बाढ़ का असर बताया गया है।
तरैया के राजधानी गांव में भी करीब 30 फीट में रिंग बांध टूट गया। इससे पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैलने लगा। ग्रामीणों के मुताबिक इस बार गंडक का जलस्तर वर्ष 2021 की बाढ़ के मुकाबले करीब ढाई फीट अधिक है। ऐसे में लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
मुजफ्फरपुर में भी गंडक नदी ने तटबंध पर दबाव बढ़ा दिया। साहेबगंज प्रखंड की माधोपुर हजारी पंचायत के छरकी गांव के पास रिंग बांध करीब 70 मीटर तक टूट गया। इसके बाद पंचायत के तीन वार्डों में लगभग 300 घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया।
पिछले चार दिनों में उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सारण और गोपालगंज में अलग-अलग स्थानों पर करीब 14 जगह तटबंध या रिंग बांध टूटने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रहे कटाव और पानी के दबाव के कारण प्रशासन के सामने प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।
बाढ़ का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है। छपरा-मुजफ्फरपुर मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। छपरा-सत्तरघाट सड़क पर भी पानी चढ़ने के कारण दो दिनों से आवागमन प्रभावित है। हाजीपुर-अरेराज स्टेट हाईवे पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। परसा-मकेर मार्ग और गोपालगंज-रामजानकी पथ पर भी आवाजाही बाधित होने की सूचना है।
उधर, गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंडक के बढ़ते जलस्तर का असर गंगा पर भी दिखाई दे रहा है। इसके अलावा सोन नदी में भी पानी का स्तर काफी ऊंचा बताया जा रहा है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए वायुसेना को राहत अभियान में लगाया गया है। सारण के पानापुर में गोरखपुर से आए वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद से प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई गई।
मुख्यमंत्री ने स्थिति को देखते हुए अगले 48 घंटे को बेहद अहम बताया है। अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरतमंदों तक भोजन, पानी तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराना है।
बिहार में बारिश सामान्य से कम होने के बावजूद नदियों में रिकॉर्ड स्तर तक पानी पहुंचने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अब सबकी नजर अगले 48 घंटों में नदियों के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर टिकी है।