Bihar News : बिहार में नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। गंगा, गंडक, सोन, कोसी, पुनपुन समेत कई नदियां उफान पर हैं। शुक्रवार तक राज्य के 13 जिलों में करीब 28 लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित आबादी का आंकड़ा करीब 8 लाख बताया है।
बाढ़ का असर अब गांवों और खेतों से आगे बढ़कर शहरों तक पहुंच गया है। भागलपुर शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, जबकि पटना, भोजपुर, सारण, बेगूसराय, वैशाली समेत कई जिलों में घर, सड़क और खेत पानी में डूब गए हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूटने के बाद नाव ही आवागमन का मुख्य साधन बनी हुई है।
पटना के 9 प्रखंडों में दो लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर पटना जिले में देखने को मिल रहा है। जिले के नौ प्रखंडों में दो लाख 32 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। पटना समेत जिले के 14 स्थानों पर नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इनमें सात स्थानों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर है।
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जिले में 693 नावों का संचालन किया जा रहा है। सामुदायिक रसोई शुरू की गई हैं और जरूरतमंद परिवारों के बीच पॉलीथीन शीट तथा ड्राई राशन का वितरण किया जा रहा है।
भोजपुर में 25 सड़कें बंद, 60 स्कूलों में पढ़ाई ठप
भोजपुर में बाढ़ का असर छह प्रखंडों की 45 पंचायतों तक पहुंच गया है। करीब दो लाख आबादी प्रभावित बताई जा रही है। दो हजार एकड़ से ज्यादा धान की फसल और करीब 500 एकड़ में लगी भदई फसल व सब्जियां पानी में डूब गई हैं।
बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण 25 मुख्य और ग्रामीण सड़कें बंद हैं। वहीं, 60 से अधिक स्कूलों में पढ़ाई रोक दी गई है। प्रभावित लोगों के लिए 20 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं।
सारण में डेढ़ लाख लोग प्रभावित
सारण जिले में छपरा सदर, दिघवारा, रिविलगंज और सोनपुर की करीब 25 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। लगभग डेढ़ लाख लोगों पर इसका असर पड़ा है। कई परिवार ऊंचे स्थानों और बांधों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
ग्रामीण सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। अकिलपुर-दिघवारा संपर्क भी बाधित है और कई जगह लोग नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं।
बेगूसराय में 60 से ज्यादा स्कूल बंद
गंगा के बढ़ते जलस्तर से बेगूसराय के मटिहानी, साहेबपुर कमाल, बखरी और बलिया की 20 पंचायतों में करीब दो लाख लोग प्रभावित हैं। प्रशासन की ओर से 87 नावें चलाई जा रही हैं।
जलजमाव और आवागमन की परेशानी को देखते हुए 60 से अधिक स्कूलों में फिलहाल पढ़ाई बंद है।
वैशाली में कई सड़कों पर नाव चलाने की नौबत
वैशाली जिले के छह प्रखंडों की 26 पंचायतों और हाजीपुर नगर परिषद के छह वार्डों में बाढ़ का असर है। राघोपुर, सहदेई-देसरी और बिदुपुर के कई मार्गों पर पानी भर गया है।
राघोपुर की कुछ सड़कों पर नाव चल रही है। प्रभावित परिवारों ने ऊंचे स्थानों का रुख किया है। कई लोग गांधी सेतु के पुराने टोल प्लाजा के आसपास भी शरण लिए हुए हैं।
बक्सर में 1761 हेक्टेयर फसल बर्बाद
बक्सर में गंगा खतरे के निशान से 19 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिले के चार अंचलों के कई गांवों में करीब 10 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। लगभग 1761 हेक्टेयर फसल पानी की चपेट में आ गई है।
दो प्राथमिक विद्यालयों में भी पानी घुस गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 33 नावें और राहत सामग्री उपलब्ध कराई है।
जहानाबाद में तीन नदियों का पानी शहर के निचले इलाकों में
जहानाबाद में मोरहर, दरधा और बलदइया नदियों के उफान ने परेशानी बढ़ा दी है। तीन प्रखंडों की 15 पंचायतें प्रभावित हैं। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है। दो पुलों पर भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।
अरवल में पुनपुन नदी के उफान से तीन प्रखंडों की 12 पंचायतों के बधार प्रभावित हुए हैं। करीब दो हजार एकड़ फसल को नुकसान की आशंका है।
नालंदा में तटबंध का कटाव बढ़ा, गांवों में फैला पानी
नालंदा के अस्थावां में जिरायन नदी के तटबंध का कटाव तेजी से बढ़ा है। करीब 25 फीट से शुरू हुआ कटाव अब लगभग 70 फीट तक पहुंच गया है। इसके कारण पांच गांवों में पानी फैल गया है।
लगभग ढाई हजार बीघे में लगी धान, मक्का और सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। बिहारशरीफ के सोहसराय अड्डापर इलाके में भी पानी का दबाव बना हुआ है।
रोहतास में मकान क्षतिग्रस्त, हजारों एकड़ धान डूबा
लगातार बारिश से रोहतास के संझौली, रोहतास, नौहट्टा और चेनारी क्षेत्र प्रभावित हैं। नौहट्टा की नौ पंचायतों में करीब 10 हजार एकड़ धान की फसल डूबने की सूचना है।
चेनारी में करीब 50 एकड़ फसल बर्बाद हुई है, जबकि दो दर्जन मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है।
भागलपुर शहर में घुसा बाढ़ का पानी
भागलपुर में शुक्रवार को गंगा की बाढ़ का पानी शहरी क्षेत्र में पहुंच गया। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के पोर्टिको और कैंपस में पानी फैलने लगा है।
पीजी गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली कई छात्राएं हॉस्टल खाली कर घर लौट गई हैं। भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग परिसर में भी पानी प्रवेश कर गया, जिसके बाद सभी हॉस्टल बंद कर दिए गए हैं।
सुल्तानगंज स्थित प्रसिद्ध अजगैवीनाथ मंदिर परिसर में भी गंगा का पानी पहुंच गया है। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
200 से ज्यादा सड़कें प्रभावित
बाढ़ के कारण राज्य के डेढ़ दर्जन से अधिक जिलों में ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं। ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार 200 से अधिक सड़कों पर पानी चढ़ गया है, जबकि 60 से ज्यादा सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
बक्सर, भोजपुर, पटना, भागलपुर, वैशाली, बेगूसराय, किशनगंज, अररिया, कटिहार, खगड़िया और पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों की लगातार निगरानी करने और पानी उतरने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं।
70 हजार पशु भी बाढ़ से प्रभावित
बाढ़ का असर केवल इंसानों और फसलों तक सीमित नहीं है। पशुपालन विभाग के अनुसार करीब 70 हजार पशु भी प्रभावित हुए हैं। छपरा, पूर्णिया और भागलपुर में पशुओं के लिए चारे का वितरण किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई निर्माण कार्य भी फिलहाल रोक दिए गए हैं। वहीं, काम की तलाश में पलायन कर चुके लोगों को अस्थायी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जॉब कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में राहत की उम्मीद
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर भी चिंताजनक बना हुआ है।
हालांकि, सोन नदी के जलस्तर में आने वाले दिनों में कमी आने की संभावना जताई गई है। गंगा के जलस्तर में भी कमी का रुझान रहने का अनुमान है। प्रयागराज में गंगा का जलस्तर घटने लगा है, जिसका असर आगे बिहार में भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना, आवागमन बहाल करना और निचले इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखना है। बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की चुनौती अभी बनी हुई है।