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05-Dec-2025 07:12 AM
By First Bihar
Bihar SEZ Project : बिहार अब औद्योगिक विकास की तरफ मजबूत कदम बढ़ा चुका है। राज्य सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए 250 एकड़ में अपना पहला विशेष आर्थिक जोन (SEZ) विकसित करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। इसकी खास बात यह है कि कुल क्षेत्रफल को दो हिस्सों में बांटते हुए 125-125 एकड़ के दो अलग-अलग SEZ स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एक पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया के कुमारबाग में और दूसरा बक्सर जिले के नावानगर में बनाया जाएगा। दोनों स्थानों पर जमीन चिह्नित कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य की शुरुआत होने वाली है।
उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार SEZ परियोजना को लेकर बेहद गंभीर है। इन दोनों सेज के विकास पर कुल 225 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उद्योग विभाग पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहा है। मंत्री ने कहा कि भविष्य में राज्य में नए SEZ की स्थापना का आधार यही दो मॉडल सेज होंगे, जो बिहार को उद्योग के क्षेत्र में नई दिशा देने का काम करेंगे।
केंद्र सरकार से मिली दो सेज को मंजूरी
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने बिहार में दो विशेष आर्थिक जोन के निर्माण को औपचारिक मंजूरी दी थी। इसमें पश्चिमी चंपारण के कुमारबाग SEZ पर लगभग 116 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।बक्सर के नवानगर SEZ की लागत करीब 109 करोड़ रुपये तय की गई है। दोनों परियोजनाओं को मिलाकर कुल निवेश लगभग 225 करोड़ रुपये होगा। ये राशि इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण, तकनीक, सड़क, बिजली, पानी और अन्य औद्योगिक सुविधाओं पर खर्च की जाएगी।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा बिहार का पहला SEZ
उद्योग विभाग के अनुसार बिहार में विकसित होने वाले ये दोनों विशेष आर्थिक जोन कई मायनों में अनूठे और आधुनिक होंगे। यहां स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी भी उद्यमी को मशीनरी स्थापित करने से लेकर उत्पादन शुरू करने तक किसी प्रकार की परेशानी न हो। SEZ के भीतर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग,अत्याधुनिक सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी, बिजली और पानी की बाधारहित आपूर्ति, औद्योगिक शेड और प्लग-एंड-प्ले व्यवस्था,बेहतर सुरक्षा प्रणाली,स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स का आधुनिक ढांचा उद्योग विभाग का मानना है कि स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्र की बड़ी कंपनियों को इस SEZ में निवेश आकर्षक लगेगा। विभाग के अनुसार एक SEZ में दो दर्जन से अधिक औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हो सकती हैं।
दस हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद
SEZ परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अनुमान है कि इन दोनों विशेष आर्थिक जोनों में प्रत्यक्ष और परोक्ष मिलाकर 10,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह अवसर सिर्फ कुशल नहीं बल्कि अर्धकुशल और अकुशल युवाओं को भी मिलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में SEZ स्थापित होने से आसपास के इलाकों में भी विकास की गति तेज होगी। छोटे व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
उद्योगों को मिलेगा सरकार की ओर से बड़ा लाभ
भारत में SEZ को विशेष छूट और सुविधाओं के लिए जाना जाता है। इसी तर्ज पर बिहार सरकार भी इन सेज में आने वाले उद्यमियों को बड़े पैमाने पर सहूलियतें देने जा रही है। इनमें शामिल हैं—आयकर में छूट, विभिन्न राज्य करों में छूट, शुल्क मुक्त आयात और निर्यात की सुविधा, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम,कानूनी प्रक्रियाओं को आसान बनाया जाएगा। इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य निवेशकों को बिहार की ओर आकर्षित करना है, जहां अब तक औद्योगिक विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी मानी जाती रही है।
बिहार के औद्योगिक भविष्य की नई नींव
कुमारबाग और नवानगर में बन रहे SEZ इस बात का संकेत हैं कि बिहार आने वाले वर्षों में निवेश और उद्योग के बड़े हब के रूप में विकसित होने की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इन SEZ से बिहार की औद्योगिक छवि बदलेगी और राज्य आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ेगा।
इस परियोजना के सफल होने पर राज्य में और भी SEZ बनाने की तैयारी की जा सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बिहार में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो जाता है तो बड़ी कंपनियाँ यहां निवेश के लिए आगे आएंगी, जिससे राज्य की GDP और रोजगार दोनों में तेजी से वृद्धि होगी।