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24-Nov-2025 03:23 PM
By First Bihar
Bihar Expressway: बिहार में सड़क निर्माण के क्षेत्र में नई सरकार ने विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य आरंभ कर दिया है। राज्य के पथ निर्माण विभाग ने अपनी प्राथमिकता सूची में पांच एक्सप्रेस वे और अन्य मेगा प्रोजेक्ट को शामिल किया है, जिन पर जल्द से जल्द काम शुरू कराया जाएगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाना और लोगों के लिए सुरक्षित एवं तेज यातायात सुनिश्चित करना है।
सबसे पहले, बिहार के लिए स्वीकृत पांच एक्सप्रेस वे में तीन पर तुरंत काम आरंभ कराया जाना है। इनमें पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे शामिल हैं। वाराणासी-कोलकाता एक्सप्रेस वे पर पहले से ही काम चल रहा है। इन तीन परियोजनाओं को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है और इनके एलायनमेंट भी स्वीकृत हैं। पांचवां एक्सप्रेस वे बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस वे है, जिसका निर्माण आगामी चरणों में आरंभ होगा। इन पांच एक्सप्रेस वे की कुल लंबाई 1626 किलोमीटर है, जो बिहार को राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
चुनाव के ठीक पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। राज्य सरकार अब इन परियोजनाओं पर भी तेजी से काम आरंभ कराने जा रही है। इनमें साहेबगंज-अरेराज-बेतिया और मोकामा-मुंगेर कारिडोर प्रमुख हैं। इसके अलावा नई सरकार के एजेंडा में मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ का निर्माण भी शामिल है। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 82.8 किलोमीटर है और इसे दो खंडों में बांटा गया है।
प्रथम खंड मुंगेर से सुल्तानगंज तक 42 किलोमीटर लंबा है और इसकी अनुमानित लागत 5,120 करोड़ रुपए है। दूसरा खंड सुल्तानगंज से भागलपुर के सबौर तक है, जिसकी लंबाई 40.08 किलोमीटर और लागत 4,850 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। इस सड़क को फोरलेन में बनाया जाएगा और इसके निर्माण में कई अंडरपास भी शामिल हैं, ताकि यातायात सुचारु और सुरक्षित हो।
इसके अतिरिक्त, पटना स्थित गंगा पथ का कोईलवर तक विस्तार भी मेगा प्रोजेक्ट के तहत शामिल है। इस प्रोजेक्ट की लंबाई 35.65 किलोमीटर है और अनुमानित लागत लगभग 6,000 करोड़ रुपए है। इसमें 18 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
पथ निर्माण विभाग ने अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए हैं कि परियोजनाओं का निर्माण समयबद्ध तरीके से किया जाए। विभाग का कहना है कि नए एक्सप्रेस वे और मेगा प्रोजेक्ट बिहार की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यातायात की समस्याओं को कम करने में भी मदद मिलेगी।
इन परियोजनाओं के निर्माण से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्थानीय श्रमिकों और इंजीनियरिंग फर्मों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, सड़क निर्माण के दौरान पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। विभाग ने फॉगिंग, साइनबोर्ड और मार्गदर्शन संकेतों के माध्यम से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना बनाई है।
नए पावर सब स्टेशन और सड़क नेटवर्क परियोजनाओं के साथ राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। आने वाले वर्षों में ये परियोजनाएं बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और पर्यटन, व्यापार तथा परिवहन क्षेत्र में सुधार लाने में महत्वपूर्ण साबित होंगी। इस तरह नई सरकार की प्राथमिकताओं में सड़क और पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को शीर्ष स्थान दिया गया है, ताकि बिहार के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध हो और राज्य का विकास तेजी से आगे बढ़े।