Bihar Paper Leak : बिहार पुलिस मुख्यालय की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से आयोजित गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग के अधिनायक अनुदेशक (हवलदार अनुदेशक) परीक्षा पेपर लीक मामले में EOU ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

गिरफ्तार आरोपियों में एक कथित परीक्षार्थी, उसका सहयोगी और एक बायोमीट्रिक सुपरवाइजर शामिल है। जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा में गड़बड़ी कराने के लिए बायोमीट्रिक प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति की मदद से प्रश्नों के उत्तर पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।

EOU ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-16/2026, दिनांक 30 जुलाई 2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद 31 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

हाजीपुर परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया मुख्य आरोपी

EOU के अनुसार, इस मामले का खुलासा नगर थाना हाजीपुर कांड संख्या-368/2026 के अनुसंधान के दौरान हुआ। जांच के क्रम में सूचना मिली कि आरोपी राज समदर्शी उर्फ राजा हवलदार अनुदेशक परीक्षा में शामिल होने वाला है।इसके बाद पुलिस टीम ने हाजीपुर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र के पास उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल की बात स्वीकार की। जांच एजेंसी के मुताबिक, राज समदर्शी ने अपने सहयोगी के रूप में अभिषेक कुमार का नाम बताया। साथ ही उसने यह भी स्वीकार किया कि अप्रैल 2020 में आयोजित AEDO परीक्षा में भी उसने अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया था।

मोबाइल में मिले परीक्षा से जुड़े दस्तावेज

EOU की जांच में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम सबूत मिलने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, राज समदर्शी और अभिषेक कुमार के मोबाइल की गैलरी में परीक्षा से संबंधित कई एडमिट कार्ड और उत्तर पत्रक मिले हैं। जांच में एक उत्तर पत्रक ऐसा भी मिला, जिसे कथित तौर पर दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर भेजा गया था। एजेंसी अब इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

बायोमीट्रिक सुपरवाइजर की भूमिका पर जांच

पूछताछ में आरोपी राज समदर्शी ने बताया कि हवलदार अनुदेशक परीक्षा में उत्तर उपलब्ध कराने के लिए बायोमीट्रिक सुपरवाइजर नितेश कुमार के माध्यम से मदद लेने की योजना थी। EOU अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा केंद्र की व्यवस्था से जुड़े कितने लोग इस पूरे नेटवर्क में शामिल थे और प्रश्न पत्र या उत्तर तक पहुंच कैसे बनाई गई।

चार अन्य नामजद आरोपियों की तलाश जारी

इस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों के अलावा चार अन्य नामजद अभियुक्तों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। आर्थिक अपराध इकाई इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है। EOU अधिकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले गिरोहों, पेपर लीक कराने वाले लोगों और इससे आर्थिक लाभ लेने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने वालों पर सख्त नजर

बिहार में पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में आर्थिक अपराध इकाई लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रख रही है, जो पैसे के बल पर परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।EOU ने साफ किया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हवलदार अनुदेशक परीक्षा पेपर लीक मामले में हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि परीक्षा में नकल या पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क पर पुलिस और जांच एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।