Bihar EV Policy 2026: बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार तेजी से फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रही है। इसके तहत ई-बसों के साथ निजी दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी चार्जिंग की सुविधा विकसित की जा रही है। पटना के 10 प्रमुख सरकारी परिसरों सहित कई जिलों में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को कम समय में वाहन चार्ज करने की सुविधा मिलेगी।
राज्य सरकार की योजना के तहत प्रत्येक बस डिपो में 50 बसों की क्षमता के लिए आठ-आठ चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा रहे हैं। इन फास्ट चार्जिंग स्टेशनों की मदद से एक ई-बस को करीब डेढ़ घंटे में चार्ज किया जा सकेगा। वहीं, निजी इलेक्ट्रिक कारों के लिए बनाए जा रहे डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशनों पर वाहन को लगभग 45 मिनट से एक घंटे में फुल चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
परिवहन विभाग के अनुसार, पूर्णिया जिले में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और गयाजी में निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा फुलवारीशरीफ, राजगीर और मुजफ्फरपुर के बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन पहले से संचालित हैं। इन सुविधाओं से सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
निजी इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुविधा बढ़ाने के लिए पटना के प्रमुख सरकारी परिसरों और अन्य स्थानों पर स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें मुख्य सचिवालय, बिहार विधानसभा, समाहरणालय, विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, सिंचाई भवन, मल्टीमॉडल हब कंकड़बाग, बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड शामिल हैं।
इन स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक कारों के साथ दोपहिया और तिपहिया वाहनों को भी चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। सरकारी परिसरों में स्थापित होने के बावजूद इन चार्जिंग स्टेशनों का इस्तेमाल आम नागरिक भी कर सकेंगे।
राज्य में पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए बिहार ईवी नीति 2026 के तहत वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। इस नीति के अंतर्गत पात्र आवेदकों को मशीनरी और उपकरणों की लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान देने का प्रावधान है।
चार्जिंग स्टेशन सरकारी भवनों, व्यावसायिक परिसरों, होटलों, अस्पतालों, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, आवासीय अपार्टमेंट और पांच से अधिक परिवारों वाली हाउसिंग सोसाइटी में स्थापित किए जा सकते हैं। इसके अलावा पेट्रोल पंप, हाईवे के ढाबों और रेस्टोरेंट, बस स्टैंड तथा पार्किंग स्थलों पर भी ये सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
बिहार में फास्ट चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार होने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। खासकर ई-बसों और निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की सुविधा बढ़ने से दैनिक आवागमन आसान होने की उम्मीद है। सरकार की यह पहल राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक चार्जिंग ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।