Bihar EV policy: बिहार सरकार ने ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाने पर 75% तक अनुदान देने की घोषणा की है। 2030 तक 30% ई-वाहन बिक्री लक्ष्य के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाएगा।


बिहार सरकार ने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर सरकार 75 प्रतिशत तक अनुदान देगी। यह प्रोत्साहन सार्वजनिक और निजी दोनों स्तरों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने वालों को मिलेगा।


राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 30 प्रतिशत ई-वाहन बिक्री का लक्ष्य तय किया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में यह नई पहल की गई है। परिवहन विभाग के अनुसार, ई-वाहनों के लिए धीमे और मध्यम एसी चार्जर लगाने पर भी अनुदान दिया जाएगा। पहले 450 एसी चार्जर की स्थापना पर अधिकतम 75 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि मिलेगी।


वहीं, फास्ट एसी चार्जर के पहले 450 यूनिट पर अधिकतम 2.25 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान किया गया है। डीसी (DC) मध्यम चार्जर लगाने वालों को भी 2.25 लाख रुपये तक सहायता राशि दी जाएगी।राज्य सरकार के निगम, बोर्ड, स्थानीय निकाय और लोक उपक्रम अपनी स्वामित्व वाली भूमि पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकेंगे और उन्हें भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।


सरकार का उद्देश्य शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि ई-वाहनों का उपयोग बढ़ सके। इसके अलावा, आवासीय भवनों, कल्याण संघों और सरकारी गृह समितियों को भी निजी चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए कम से कम पांच कार पार्किंग स्पेस होना अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग का मानना है कि आवासीय परिसरों में चार्जिंग सुविधा बढ़ने से लोग अधिक संख्या में ई-वाहनों को अपनाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।