BIHAR NEWS : बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की दिशा में परिवहन विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही राज्य के राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर मौजूद ईवी चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी सीधे Google Maps पर उपलब्ध होगी। इसके साथ ही परिवहन विभाग एक ऐसा एकीकृत मोबाइल एप विकसित कर रहा है, जिसमें विभिन्न कंपनियों के सभी चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी यात्रा के दौरान चार्जिंग स्टेशन खोजने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
Google Maps से सीधे मिलेगी चार्जिंग स्टेशन की जानकारी
अभी तक अलग-अलग कंपनियों के चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी उनके अलग-अलग मोबाइल एप पर उपलब्ध रहती है। इससे वाहन चालकों को कई ऐप डाउनलोड करने पड़ते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी कंपनियों के चार्जिंग स्टेशनों का डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा और उनकी लोकेशन Google Maps के साथ भी लिंक की जाएगी। इससे चालक आसानी से अपने नजदीकी चार्जिंग स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।
हाईवे किनारे तैयार होगा बड़ा चार्जिंग नेटवर्क
परिवहन विभाग राज्यभर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों के किनारे स्थित ढाबों, होटलों, पेट्रोल पंपों, मोटलों और अन्य प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
इस योजना को सफल बनाने के लिए विभाग वाहन निर्माता कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय कर रहा है। सभी कंपनियों से उनके मौजूदा और प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों का विवरण भी मांगा गया है, ताकि एक व्यापक डिजिटल नेटवर्क तैयार किया जा सके।
लंबी दूरी की यात्रा होगी आसान
नई व्यवस्था लागू होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग स्टेशन तलाशने के लिए अलग-अलग एप या वेबसाइट का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। जिस तरह Google Maps पर होटल, रेस्तरां और पेट्रोल पंप दिखाई देते हैं, उसी तरह ईवी चार्जिंग स्टेशन भी आसानी से नजर आएंगे। इससे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान समय की बचत होगी और वाहन चालकों की यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी।
चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को मिलेगा सरकारी अनुदान
राज्य सरकार निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर आर्थिक सहायता भी दे रही है। चार्जर की क्षमता के आधार पर 75 हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पूरे राज्य में तेजी से आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना है।
हाउसिंग सोसाइटी भी होंगी शामिल
परिवहन विभाग की योजना केवल हाईवे या व्यावसायिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। इसके तहत पेट्रोल पंप, होटल, बस टर्मिनल, पार्किंग स्थल और व्यावसायिक परिसरों के अलावा हाउसिंग सोसाइटी में भी ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इच्छुक हाउसिंग सोसाइटी सरकारी अनुदान योजना का लाभ लेकर अपने परिसर में चार्जिंग स्टेशन विकसित कर सकेंगी।
पर्यावरण संरक्षण और हरित परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने और उनकी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होने से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ेगा। इससे प्रदूषण में कमी आएगी, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिहार हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगा।