Bihar News : बिहार में किराये के मकानों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किरायेदारों को भी सरकार की ओर से दी जा रही बिजली सब्सिडी योजना का पूरा लाभ मिलेगा। यदि कोई मकान मालिक किरायेदारों से निर्धारित दर से अधिक बिजली शुल्क वसूलता है या उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं देता है, तो ऊर्जा विभाग ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करेगा और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।


यह जानकारी राज्य के ऊर्जा मंत्री Shailesh Kumar उर्फ बुलो मंडल ने मंगलवार को पटना में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) प्रदेश कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान दी। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि बिजली से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य के हर उपभोक्ता तक पहुंचे, चाहे वह मकान मालिक हो या किरायेदार।


मंत्री ने कहा कि कई जगहों से ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि किरायेदारों से वास्तविक बिजली दरों की तुलना में अधिक शुल्क लिया जाता है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किरायेदारों से केवल वही शुल्क लिया जाना चाहिए जो सरकार द्वारा निर्धारित बिजली दरों के अनुसार बनता है। यदि कहीं अनियमितता या अतिरिक्त वसूली की शिकायत मिलती है, तो विभाग जांच कर उचित कार्रवाई करेगा।


किरायेदारों के लिए क्या है विकल्प?

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि किरायेदार यदि बिजली सब्सिडी योजना का पूरा लाभ लेना चाहते हैं तो उनके लिए सबसे बेहतर विकल्प अलग बिजली मीटर लगवाना है। इसके लिए संबंधित बिजली कंपनी में आवेदन देकर अपना स्वतंत्र कनेक्शन और मीटर प्राप्त किया जा सकता है। इससे बिजली खपत का सही हिसाब रहेगा और उपभोक्ता सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।


उन्होंने कहा कि कई बार मकान मालिक किरायेदारों को अलग मीटर लगवाने की अनुमति नहीं देते हैं। ऐसी स्थिति में किरायेदारों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे अपनी शिकायत सीधे ऊर्जा विभाग या मंत्री कोषांग तक पहुंचा सकते हैं। विभाग ऐसे मामलों की जांच कर आवश्यक कदम उठाएगा।


शिकायत के लिए हेल्पलाइन की सुविधा

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि किरायेदार बिजली संबंधी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए बिजली कंपनी की हेल्पलाइन सेवाओं का भी उपयोग कर सकते हैं। विभाग की ओर से इस दिशा में विशेष पहल की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।


उन्होंने कहा कि सरकार उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की मनमानी या शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी किरायेदार को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल रहा है या उससे अधिक बिल वसूला जा रहा है, तो वह संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकता है।


बिजली कटौती पर भी दिया बड़ा बयान

जनसुनवाई के दौरान ऊर्जा मंत्री ने राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिहार में फिलहाल व्यापक स्तर पर बिजली कटौती जैसी कोई समस्या नहीं है। राज्य में बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।


हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र से बिजली कटौती या आपूर्ति बाधित होने की शिकायत मिलती है, तो विभाग उसकी जांच कराएगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली सेवा उपलब्ध हो।


ऊर्जा विभाग के इस फैसले से राज्य के लाखों किरायेदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब वे भी बिजली सब्सिडी योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे और मनमाने बिजली शुल्क से बच सकेंगे। सरकार का यह कदम उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और पारदर्शी बिजली व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।