Free Electricity Bihar: बिहार सरकार ने किराए के मकानों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत देते हुए बिजली सब्सिडी योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब किरायेदार भी 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली और सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे। इस फैसले से राज्य के लाखों शहरी और ग्रामीण किरायेदारों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।


किरायेदारों को भी मिलेगा सब्सिडी का लाभ

अब तक कई स्थानों पर किरायेदारों को मकान मालिकों द्वारा तय किए गए बिजली शुल्क का भुगतान करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किरायेदार सरकारी दरों और बिजली सब्सिडी का लाभ सीधे प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे बिजली बिल का बोझ कम होगा और उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी।


अलग मीटर लगवाकर ले सकेंगे लाभ

राज्य सरकार के अनुसार बिजली सब्सिडी का लाभ उसी उपभोक्ता को मिलेगा, जिसके नाम पर बिजली कनेक्शन दर्ज होगा। ऐसे में किरायेदारों के लिए अपने नाम से अलग बिजली मीटर लगवाना सबसे बेहतर विकल्प माना गया है। इसके लिए आवेदक को किरायानामा (रेंट एग्रीमेंट), आधार कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।


मकान मालिक नहीं वसूल सकेंगे अतिरिक्त शुल्क

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि मकान मालिक किरायेदारों से केवल सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार ही बिजली शुल्क वसूल सकते हैं। यदि कोई मकान मालिक अधिक राशि वसूलता है या किसी प्रकार की अनियमितता करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बिजली सब्सिडी और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र उपभोक्ता तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से किरायेदारों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।


125 यूनिट तक मिलेगी राहत

सरकार के अनुसार पात्र उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली खपत पर सब्सिडी या मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। इससे किरायेदारों के मासिक बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी और बिजली शुल्क को लेकर होने वाले विवाद भी कम होंगे।


ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से आवेदन

किरायेदार अपने नजदीकी बिजली कार्यालय (DISCOM) में जाकर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान रेंट एग्रीमेंट, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सरकार का मानना है कि इस नई पहल से बिजली सब्सिडी का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगा और किराए के मकानों में रहने वाले परिवारों को आर्थिक सुरक्षा एवं राहत मिलेगी।