Bihar Electricity Crisis : बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नोत्तर काल के दौरान राज्य की बिजली व्यवस्था को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया गया। विधान पार्षद सौरभ कुमार ने सदन में दावा किया कि बिहार में आज भी एक ऐसा इलाका मौजूद है, जहां आजादी के दशकों बाद भी बिजली नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने ऊर्जा विभाग और सरकार का ध्यान पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर प्रखंड के दो पंचायतों की ओर आकर्षित कराया।

एमएलसी सौरभ कुमार ने सदन में कहा कि पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड के नौरंगिया और बनकटवा पंचायत में आज तक बिजली की सुविधा नहीं पहुंची है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री को इस मामले को गंभीरता से लेने और इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन आज भी राज्य के कुछ गांव ऐसे हैं जहां मूलभूत सुविधाओं का इंतजार खत्म नहीं हुआ है।

सौरभ कुमार ने कहा, "मैं ऊर्जा विभाग और मंत्री बोलो मंडल जी से कहना चाहता हूं कि रामनगर प्रखंड के दो पंचायतों को नोट कर लीजिए। नौरंगिया और बनकटवा पंचायत में आज तक बिजली नहीं पहुंची है। अगर विभाग और मंत्री जी के संज्ञान में यह मामला नहीं है तो इसे नोट कर लें और इसकी जांच करवाएं।"

उन्होंने आगे कहा कि जब देश चांद पर पहुंचने की बात कर रहा है, तब बिहार के कुछ इलाके आज भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित कर जल्द से जल्द बिजली पहुंचाने की दिशा में कदम उठाया जाए।

सत्ता पक्ष के नेताओं ने उठाए सवाल

सदन में सौरभ कुमार के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के कुछ विधान पार्षदों ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या का समाधान क्यों नहीं कराया। इस पर सौरभ कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि अब सरकार के पास 20 साल का समय है, इसलिए वह भी इस दिशा में काम कर सकती है।

उन्होंने कहा कि अगर पहले यह समस्या बनी रही तो अब सरकार को इसे दूर करने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने ऊर्जा मंत्री बोलो मंडल से आग्रह किया कि पश्चिम चंपारण के इन पंचायतों की स्थिति की जांच कराकर वहां जल्द बिजली पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

ऊर्जा विभाग से कार्रवाई की उम्मीद

विधान परिषद में उठाए गए इस मुद्दे के बाद अब लोगों की नजर ऊर्जा विभाग की कार्रवाई पर है। अगर सौरभ कुमार के दावे की पुष्टि होती है तो यह राज्य के बिजली पहुंचाने के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है। बिहार में पिछले कुछ वर्षों में बिजली कनेक्शन और ग्रामीण विद्युतीकरण को लेकर सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई गई हैं। हालांकि, अगर अब भी कुछ गांव बिजली से वंचित हैं तो यह प्रशासनिक स्तर पर बड़ी चुनौती मानी जाएगी।

विधान परिषद में उठे इस मामले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि ऊर्जा विभाग जल्द ही पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड के नौरंगिया और बनकटवा पंचायतों की स्थिति की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर बिजली पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।