पटना: बिहार सरकार ने आम उपभोक्ताओं और निर्माण श्रमिकों के लिए दो अहम फैसलों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। एक ओर राज्य में नए बिजली कनेक्शन के लिए सर्विस कनेक्शन शुल्क की नई दरें लागू कर दी गई हैं, वहीं दूसरी ओर पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए मात्र ₹5 में पौष्टिक भोजन और रियायती दर पर अस्थायी आवास की सुविधा शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है।

नए बिजली कनेक्शन के लिए तय हुई शुल्क दर

बिहार विद्युत विनियामक आयोग की मंजूरी के बाद राज्य की बिजली वितरण कंपनियों ने नए बिजली कनेक्शन के लिए संशोधित सर्विस कनेक्शन शुल्क की अधिसूचना जारी कर दी है। यह शुल्क 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शनों पर लागू होगा। नई व्यवस्था के तहत घरेलू और अन्य निर्धारित श्रेणियों के उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेते समय तय शुल्क का भुगतान करना होगा।

लो टेंशन सिंगल फेज (7 किलोवाट तक)

नई अधिसूचना के अनुसार 3 किलोवाट तक के सिंगल फेज कनेक्शन के लिए ₹900 शुल्क निर्धारित किया गया है। यदि लोड 3 किलोवाट से अधिक होगा तो ₹2,700 के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹1,000 अतिरिक्त देना होगा।

लो टेंशन थ्री फेज (5 से 19 किलोवाट)

इस श्रेणी में 5 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए ₹4,500 शुल्क तय किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹1,500 की दर से शुल्क लिया जाएगा।

20 से 44 किलोवाट वाले कनेक्शन

20 किलोवाट तक के थ्री फेज कनेक्शन के लिए ₹21,000 निर्धारित किए गए हैं। इसके ऊपर प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट के लिए ₹2,000 अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बिजली कंपनियों का कहना है कि सभी नए एलटी सिंगल फेज और एलटी थ्री फेज कनेक्शन अब इन्हीं संशोधित दरों के अनुसार जारी किए जाएंगे।

निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी राहत

राज्य सरकार ने निर्माण श्रमिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए ‘भोजशाला योजना’ और ‘श्रमिक अतिथिशाला योजना’ शुरू करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने दोनों योजनाओं के संचालन के लिए निविदा जारी कर दी है। अनुमान है कि अगले दो से तीन महीनों में श्रमिकों को इनका लाभ मिलने लगेगा।

₹5 में मिलेगा पौष्टिक भोजन

राज्य के 42 लाख से अधिक निबंधित निर्माण श्रमिकों को ‘भोजशाला योजना’ के तहत केवल ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शहरों में काम करने वाले श्रमिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुविधा देना है, ताकि उन्हें रोजमर्रा के खर्च में राहत मिल सके।

पटना से होगी श्रमिक अतिथिशाला की शुरुआत

रोजगार की तलाश में शहरों में आने वाले निर्माण श्रमिकों और दूसरे राज्यों से लौटने वाले बिहार के श्रमिकों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक अस्थायी आवास की व्यवस्था भी की जाएगी। पहले चरण में पटना के नौ प्रमुख स्थानों—पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया, पाटलिपुत्र स्टेशन, बैरिया जीरोमाइल, आईएसबीटी-कंकड़बाग, दानापुर जंक्शन, सगुना मोड़, बिहटा कॉरिडोर, नौबतपुर और दीदारगंज—में श्रमिक अतिथिशालाएं संचालित की जाएंगी।

इन अतिथिशालाओं में महिला और पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री की व्यवस्था होगी। महिलाओं के लिए 50 बेड और पुरुषों के लिए 100 बेड उपलब्ध कराए जाएंगे। सामान्य परिस्थितियों में श्रमिक यहां 7 से 10 दिनों तक रुक सकेंगे। बाद के चरण में इस सुविधा का विस्तार राज्य के अन्य जिलों में भी किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के अनुसार, इन योजनाओं का मकसद निर्माण श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन, बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित आवास और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वहीं बिजली कनेक्शन शुल्क की नई व्यवस्था से नए उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।