PATNA: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती समारोह के अवसर पर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के स्कूलों में अब पंडित राजकुमार शुक्ल की जीवनी पढ़ाई जाएगी और इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी को पढ़ने से पहले पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान को जानना जरूरी है।
पाठ्यक्रम में शामिल होगी राजकुमार शुक्ल की जीवनी
मिथिलेश तिवारी ने कहा, “निश्चित रूप से महात्मा गांधी को पढ़ने वाले व्यक्ति को पहले पंडित राजकुमार शुक्ल को पढ़ना चाहिए।” उन्होंने घोषणा की कि बिहार की पाठ्य पुस्तकों में पंडित राजकुमार शुक्ल की जीवनी शामिल की जाएगी।शिक्षा मंत्री के मुताबिक, वह इस संबंध में एससीईआरटी को आदेश भेजेंगे, जिसके बाद राजकुमार शुक्ल की जीवनी को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह घोषणा बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। पंडित राजकुमार शुक्ल ने चंपारण सत्याग्रह में महात्मा गांधी को बिहार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
TRE-4 के बाद शिक्षकों की भर्ती को लेकर भी ऐलान
गर्दनीबाग में छात्र कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। इसी बीच शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की भर्ती को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन के बाद अब कई अन्य पदों पर शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया जाएगा। मंत्री के अनुसार, अगले दिन कई पदों पर शिक्षक भर्ती की घोषणा की जाएगी। इससे शिक्षक अभ्यर्थियों को नई भर्तियों की उम्मीद जगी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा- ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे, बंटेंगे तो कटेंगे’
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने सामाजिक एकता का संदेश देते हुए कहा कि लोगों को जातिगत बंटवारे में पड़ने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई खुद को ब्राह्मण, क्षत्रिय या वैश्य बताता है, तो कोई दलित या महादलित की पहचान की बात करता है, लेकिन सभी को एकजुट रहना चाहिए। मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सभी सनातनी हैं और एक हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे, बंटेंगे तो कटेंगे।” उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली सोच से बचने और एकजुट रहने की जरूरत है।