BIHAR NEWS : बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के सीखने के स्तर (लर्निंग आउटकम) को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। विभाग ने राज्यभर के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षा अधिकारियों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने के लिए चार अलग-अलग व्हाट्सएप चैनल तैयार किए हैं। इन चैनलों के जरिए शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और शैक्षणिक सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ), जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) तथा शिक्षक शिक्षा संस्थानों के प्राचार्यों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से शिक्षा प्रणाली में संवाद और समन्वय मजबूत होगा तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार देखने को मिलेगा।
चार चरणों के लिए बनाए गए अलग-अलग WhatsApp चैनल
शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न चरणों को ध्यान में रखते हुए चार अलग-अलग व्हाट्सएप चैनल तैयार किए हैं। इनमें फाउंडेशनल स्टेज, प्रिपरेटरी स्टेज, मिडिल स्टेज और कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) शामिल हैं।
फाउंडेशनल स्टेज चैनल कक्षा 1 और 2 के शिक्षकों के लिए बनाया गया है, जबकि प्रिपरेटरी स्टेज चैनल कक्षा 3 से 5 तक के शिक्षकों को जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। वहीं मिडिल स्टेज चैनल कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों के लिए होगा। इसके अतिरिक्त सीआरसी चैनल के माध्यम से कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर से जुड़े प्रभारी और शिक्षा कर्मी आपसी समन्वय स्थापित करेंगे।
शिक्षकों को मिलेगा नियमित शैक्षणिक मार्गदर्शन
शिक्षा विभाग का उद्देश्य केवल सूचना साझा करना नहीं बल्कि शिक्षकों को नियमित शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना भी है। विभाग की ओर से कहा गया है कि मेंटरिंग आधारित व्यवस्था के तहत शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, मूल्यांकन प्रक्रियाओं और शिक्षण सामग्री से संबंधित आवश्यक जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके माध्यम से अधिकारियों को भी विद्यालयों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों की बेहतर निगरानी करने में मदद मिलेगी। साथ ही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी तुरंत साझा की जा सकेगी।
क्यूआर कोड और लिंक के जरिए जुड़ेंगे शिक्षक
विभाग ने प्रत्येक व्हाट्सएप चैनल के लिए अलग-अलग क्यूआर कोड और लिंक जारी किए हैं। सभी जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को संबंधित चैनलों से जोड़ना सुनिश्चित करें। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए ताकि राज्यभर में एक समान शैक्षणिक संवाद व्यवस्था विकसित हो सके। विभाग का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज होगा और शिक्षकों तक जरूरी निर्देश तुरंत पहुंच सकेंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम
बिहार शिक्षा विभाग का यह कदम राज्य में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों और अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी होगी।
इसके साथ ही विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकेंगे। विभाग को उम्मीद है कि व्हाट्सएप आधारित यह मेंटरिंग और मॉनिटरिंग व्यवस्था सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में मददगार साबित होगी।