Bihar Education Department : बिहार के शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में शिक्षा से जुड़ी लंबित योजनाओं को अब तेजी से पूरा करने की तैयारी है। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSBCICO) ने इन योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को साफ निर्देश दिया गया है कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।


राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया ने शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो योजनाएं पहले से चल रही हैं, उन्हें तेजी से पूरा किया जाए। खासकर वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की लंबित योजनाओं को लेकर विभाग ने समय सीमा तय कर दी है।


बैठक में बताया गया कि इन दोनों वित्तीय वर्षों की कुल 2352 योजनाएं अभी लंबित हैं। इन सभी योजनाओं को अगले महीने की 9 तारीख यानी दीपावली तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों को कहा गया है कि योजनाओं के निर्माण कार्य में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए और हर स्तर पर इसकी निगरानी की जाए।


इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत कुल 3339 योजनाओं का चयन किया गया है। इनमें से अभी तक कई योजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है। बैठक में इन योजनाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों को कहा गया कि 26 अक्टूबर तक इन सभी चयनित योजनाओं का काम शुरू करा दिया जाए।


अभिषेक पलासिया ने कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार की योजनाओं की भी अहम भूमिका है। समग्र शिक्षा अभियान और पीएम श्री योजना के तहत राज्य में करीब दो हजार करोड़ रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे में योजनाओं को सिर्फ कागज पर रखने के बजाय जमीन पर उतारना जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों से कहा कि आवंटित काम को जल्द शुरू करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें।


बैठक में योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ खर्च की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सामने आया कि पिछले एक महीने में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में सिर्फ 44.78 करोड़ रुपये खर्च कर योजनाएं पूरी की गई हैं। अब बाकी राशि को तय समय के अनुसार खर्च करने की योजना बनाई गई है। कुल 553.24 करोड़ रुपये के खर्च का लक्ष्य रखा गया है।


योजना के अनुसार अक्टूबर महीने में 150.10 करोड़ रुपये, नवंबर और दिसंबर के दौरान 283.49 करोड़ रुपये और मार्च 2027 तक 118.49 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि के जरिए कुल 5726 योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की कोशिश है कि निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाकर योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि स्कूलों और शिक्षा से जुड़ी दूसरी आधारभूत सुविधाओं का लाभ विद्यार्थियों को जल्द मिल सके।


बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि सिर्फ लक्ष्य तय करने से काम नहीं चलेगा। अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्यों की निगरानी करनी होगी और जहां काम की रफ्तार धीमी है, वहां तुरंत कार्रवाई करनी होगी। प्रबंध निदेशक ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों के खिलाफ एकरारनामा में तय शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


शिक्षा विभाग की इन योजनाओं में स्कूलों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का विकास भी शामिल है। ऐसे में योजनाओं के समय पर पूरा होने से राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। अब विभाग की नजर 26 अक्टूबर और दीपावली तक तय किए गए लक्ष्यों पर है। आने वाले दिनों में अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के काम की लगातार निगरानी की जाएगी।