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24-Mar-2026 06:34 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या का समापन एक भव्य और आध्यात्मिक वातावरण के साथ हुआ, जिसमें योजना एवं विकास विभाग, बिहार की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही।
डॉ. विजयलक्ष्मी का व्यक्तित्व प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का अद्वितीय उदाहरण है। बचपन से ही भरतनाट्यम के प्रति उनका गहरा रुझान रहा है, जिसे उन्होंने अपने व्यस्त प्रशासनिक दायित्वों के साथ निरंतर साधना के रूप में बनाए रखा है। विभिन्न मंचों पर उनकी प्रस्तुतियाँ भारतीय शास्त्रीय कला की गरिमा को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती रही हैं।
इस अवसर पर उन्होंने चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर माँ दुर्गा को समर्पित विशेष प्रस्तुति दी। उनकी एकल नृत्य प्रस्तुति “ श्री राजा राजेश्वरी अष्टकम” पर आधारित थी, जिसकी रचना आदि शंकराचार्य द्वारा की गई है। “अंबा स्तुति” और “दुर्गा जी स्तुति” की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। यह प्रस्तुति शक्ति उपासना और सांस्कृतिक समर्पण का अद्भुत संगम रही, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सराहा, सभी दर्शकगण नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गए ।
कार्यक्रम की शुरुआत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष समूह नृत्य की प्रस्तुति द्वारा हुआ, जिसमें डॉ. विजयलक्ष्मी स्वयं भी सहभागी रहीं और साथी कलाकारों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने समां बांध दिया। इस आयोजन में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप “वंदे मातरम्” के पूर्ण संस्करण के पाठ और प्रस्तुति पर विशेष बल दिया गया, जिसका संपूर्ण ध्यान रखते हुए उन्होंने कला प्रेमी के साथ साथ एक अच्छे लोक सेवक का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया ।
उल्लेखनीय है कि डॉ. विजयलक्ष्मी पूर्व में भी बुद्ध महोत्सव , राजगीर महोत्सव, बिहार दिवस समारोह तथा अन्य राज्य स्तरीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दे चुकी हैं। विशेष रूप से, उन्होंने पिछले वर्ष बिहार दिवस के अवसर पर “यशोधरा” पर आधारित अपनी नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया था, जिससे सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए थे। इन मंचों के माध्यम से उन्होंने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाई है।
इस सांस्कृतिक आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, अधिकारी, कलाकार एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल बिहार दिवस के उत्सव को गरिमा प्रदान की, बल्कि कला और संस्कृति के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश भी प्रसारित किया।



