Bihar News : बिहार में दीपावली को लेकर उत्साह चरम पर है। बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है तो घरों और प्रतिष्ठानों में सजावट का काम तेजी से चल रहा है। दीपों के इस त्योहार पर किसी की खुशियों में खलल न पड़े, इसके लिए बिहार पुलिस ने भी सुरक्षा का बड़ा इंतजाम किया है। राज्यभर में पुलिसकर्मियों से लेकर अग्निशमन विभाग तक को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी की जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।


दीपावली के दौरान बाजारों में भारी भीड़ रहती है। लोग देर रात तक खरीदारी करते हैं। पटाखों की दुकानों और रिहायशी इलाकों में भी लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में चोरी, छिनतई, सड़क दुर्घटना और आग लगने जैसी घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। थानों की पुलिस को लगातार गश्त करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है।


सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब 20 हजार प्रशिक्षु पुलिस पदाधिकारी और पुलिसकर्मियों, होमगार्ड तथा रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। इनकी मदद से भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था संभाली जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख बाजार और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस की विशेष नजर उन इलाकों पर भी रहेगी, जहां पहले त्योहारों के दौरान विवाद या तनाव की स्थिति पैदा हुई थी।


इस बार पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। त्योहार के दौरान अफवाह फैलाने, भड़काऊ संदेश पोस्ट करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी सूचना को गंभीरता से लें और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें। किसी इलाके में अचानक तनाव या दूसरी आपात स्थिति पैदा होने पर तुरंत कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी तैयार रखी गई है।


प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें और किसी भी घटना की सूचना मुख्यालय तक तुरंत पहुंचाएं। पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।


दीपावली पर सबसे बड़ी चुनौती आग लगने की घटनाओं को रोकना भी है। पटाखों और दीयों के कारण कई बार छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना में बदल जाती है। इसे देखते हुए अग्निशमन विभाग ने भी व्यापक तैयारी की है। राज्यभर में 750 अग्निशमन वाहनों के साथ 4260 अग्निशमन कर्मियों को अलर्ट रखा गया है। विभाग ने आग लगने की सूचना मिलने के बाद दो से पांच मिनट के भीतर दमकल टीम को रवाना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दमकल वाहनों की लोकेशन पर गूगल मैप के माध्यम से भी नजर रखी जाएगी।


आग की घटनाओं की आशंका वाले राज्य के 440 संवेदनशील स्थानों पर वाटर टेंडर की व्यवस्था की गई है। शहरी इलाकों में झुग्गी-झोपड़ियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों को भी चिह्नित किया गया है। पटना में बहुमंजिली इमारतों के आसपास हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाले दमकल वाहन तैयार रखे गए हैं। पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री पर भी कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में करीब 4000 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।


इस बीच पुलिस मुख्यालय ने लोगों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी आपात स्थिति में लोग 112 पर कॉल कर पुलिस या एंबुलेंस की मदद मांग सकते हैं। इसके अलावा डीजीपी कंट्रोल रूम के नंबर 0612-2294318, 0612-2294319 और 0612-2294323 पर संपर्क किया जा सकता है। शराब से जुड़ी शिकायत के लिए 15545 और साइबर अपराध की सूचना देने के लिए 1930 पर कॉल किया जा सकता है। महिला संबंधी सहायता के लिए 1091 नंबर उपलब्ध है।


पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पटाखे जलाते समय सावधानी बरतें, बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें और ज्वलनशील सामान के आसपास आतिशबाजी से बचें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। त्योहार की खुशियों के बीच थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटना को रोक सकती है। बिहार पुलिस की इस व्यापक तैयारी का मकसद है कि राज्य में दीपावली शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और हर परिवार सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सके।