Bihar District Anti Riot Force: बिहार में विधि-व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने के लिए अब हर जिले में विशेष दंगा निरोधी बल की व्यवस्था की जा रही है. पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों में District Anti Riot Force (DARF) के गठन का फैसला लिया है. यह बल साम्प्रदायिक तनाव, हिंसक प्रदर्शन, सड़क जाम, सरकारी संपत्ति पर हमले, भीड़ नियंत्रण और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करेगा.


पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य के सभी जिलों और अनुमंडल स्तर पर Riot Control Unit का गठन किया जाएगा. इस दस्ते में प्रशिक्षित पुलिस पदाधिकारी और जवानों के साथ महिला पुलिसकर्मी, चिकित्सा एवं एंबुलेंस सहायता दल, वीडियोग्राफी और दस्तावेजीकरण के लिए कर्मी, संचार एवं रिजर्व बल तथा लाठी दस्ता शामिल रहेगा.


एक कंपनी में होंगी तीन प्लाटून

दंगा निरोधी दस्ते की प्रत्येक कंपनी में तीन प्लाटून होंगी. प्रत्येक प्लाटून में आंसू गैस दस्ता, लाठी दस्ता, सशस्त्र बल, चालक और वायरलेस ऑपरेटर समेत कुल 47 कर्मी तैनात रहेंगे. प्रत्येक प्लाटून को दो वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसमें एक बस और एक ट्रक शामिल होगा.


दस्ता प्रभारी अपने अधीन बल की तैनाती, अनुशासन, संचार व्यवस्था, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कार्रवाई से जुड़े अभिलेखों के लिए जिम्मेदार होंगे. पूरे दस्ते के प्रभार की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) के पास रहेगी.


तीन श्रेणियों में बांटे गए जिले

पुलिस मुख्यालय ने जिलों को A, B और C श्रेणी में बांटते हुए कुल 40 कंपनियों के दंगा निरोधी दस्ते के गठन का फैसला लिया है. इसके लिए कुल 294 वाहन उपलब्ध कराने की बात कही गई है.


A श्रेणी में पटना जिले को तीन कंपनियां दी जाएंगी, जिसके लिए 18 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे. वहीं गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, भागलपुर और बेगूसराय को दो-दो कंपनियां दी जाएंगी. इन जिलों को 12-12 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे.


B श्रेणी में नालंदा, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, वैशाली, सीतामढ़ी, सिवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, बांका, मुंगेर, जमुई और खगड़िया को एक-एक कंपनी दी जाएगी. इन सभी जिलों को छह-छह वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे.


C श्रेणी में अरवल, शिवहर, बगहा, लखीसराय, शेखपुरा और नवगछिया को एक-एक प्लाटून उपलब्ध कराई जाएगी. प्रत्येक प्लाटून के लिए दो वाहन दिए जाएंगे.


सूचना मिलते ही 20 मिनट में रवाना होगा दस्ता

पुलिस मुख्यालय ने दंगा या हिंसक स्थिति की सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए समय सीमा भी तय की है. जिला नियंत्रण कक्ष से घटना की सूचना तत्काल प्रसारित की जाएगी और दंगा निरोधी दस्ते को 20 मिनट के अंदर निर्धारित स्थान के लिए रवाना किया जाएगा.


घटनास्थल पर पहुंचने के बाद दस्ता वरीय पुलिस पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करेगा. स्थिति का लगातार आकलन करते हुए परिस्थितियों के अनुसार नियमानुकूल कार्रवाई की जाएगी.


एक महीने का विशेष प्रशिक्षण

DARF में शामिल पुलिस पदाधिकारी और जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रत्येक जिले के पुलिस केंद्र में एक महीने का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा. इसके लिए पुलिस निरीक्षक, सार्जेन्ट मेजर, पुलिस अवर निरीक्षक, सार्जेन्ट और सहायक अवर निरीक्षक स्तर के प्रशिक्षकों का चयन किया जाएगा.


चयनित प्रशिक्षकों को Rapid Action Force Academy for Public Order (RAPO), मेरठ में Training of Trainers (ToT) प्रशिक्षण कराया जाएगा. इसके बाद ये प्रशिक्षक अपने-अपने जिलों में District Anti Riot Force में चयनित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को विशेष प्रशिक्षण देंगे.


हर तीन महीने में होगा रिफ्रेशर कोर्स

प्रशिक्षण के बाद भी जवानों की तैयारी बनाए रखने के लिए प्रत्येक तीन महीने में हर प्लाटून का एक सप्ताह का रिफ्रेशर कोर्स कराया जाएगा. यह प्रशिक्षण रोटेशन के आधार पर पुलिस केंद्र में पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) के नेतृत्व में आयोजित होगा.


वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में दंगा निरोधी बल के लिए प्रशिक्षण, साजो-सामान, सुरक्षा उपकरण और आवासन समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे. वहीं सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस उप महानिरीक्षक इस पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे.