EOU Bihar : बिहार में मंगलवार को प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त चर्चाएं तेज हो गईं, जब एक साथ तीन बड़े संवैधानिक/प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों के छुट्टी पर जाने की खबर सामने आई। इनमें बिहार के DGP विनय कुमार, BPSC के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष केएस द्विवेदी शामिल हैं। खास बात यह है कि तीनों अधिकारियों के अवकाश पर जाने की वजह अलग-अलग बताई गई है, लेकिन एक साथ छुट्टी पर जाने से तरह-तरह की चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं।

मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि DGP विनय कुमार इसी साल दिसंबर में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जबकि दूसरी ओर BPSC के सामने आने वाले दिनों में TRE-4 जैसी बड़ी परीक्षा की जिम्मेदारी है। वहीं BPSSC के सामने दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ा मामला भी चल रहा है।

DGP विनय कुमार 21 दिन की छुट्टी पर

बिहार पुलिस के मुखिया विनय कुमार मंगलवार से 21 दिनों के अवकाश पर चले गए हैं। गृह विभाग ने उनके अवकाश के दौरान होमगार्ड की महानिदेशक प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। विनय कुमार ने अपनी छुट्टी की वजह LTC (Leave Travel Concession) बताई है। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले करीब 10 वर्षों से LTC का इस्तेमाल नहीं किया है, जबकि IPS अधिकारियों के लिए दो साल में एक बार इसका प्रावधान है। इसी के तहत वह 21 दिनों की छुट्टी पर जा रहे हैं।

दिलचस्प बात यह भी है कि विनय कुमार दिसंबर 2026 में रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में उनके लंबे अवकाश पर जाने को लेकर चर्चाएं होना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने छुट्टी को लेकर लगाए जा रहे अलग-अलग कयासों पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।

BPSC अध्यक्ष भी छुट्टी पर, TRE-4 के बीच बढ़ी नजर

इधर BPSC अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई भी 15 सितंबर से 9 अक्टूबर तक छुट्टी पर हैं। उन्होंने इसके पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं। BPSC अध्यक्ष का यह अवकाश ऐसे समय में है, जब आयोग के सामने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का आयोजन बड़ी जिम्मेदारी के रूप में है। ऐसे में एक बड़े भर्ती अभियान की तैयारियों के बीच आयोग के अध्यक्ष के अवकाश पर जाने की खबर ने भी प्रशासनिक हलकों का ध्यान खींचा है। उनकी गैरमौजूदगी में राजस्व पर्षद की अध्यक्ष-सह-सदस्य हरजोत कौर बम्हरा को BPSC अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी एक महीने की छुट्टी पर

तीसरी बड़ी खबर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के अध्यक्ष केएस द्विवेदी से जुड़ी है। केएस द्विवेदी करीब एक महीने के अवकाश पर गए हैं। उन्होंने छुट्टी की वजह पारिवारिक कारण बताई है। फिलहाल उनके अवकाश के दौरान BPSSC अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार किसी अन्य अधिकारी को दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। यानी एक ही समय में बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े तीन अहम चेहरों में से दो के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, जबकि तीसरे पद के लिए अभी अतिरिक्त प्रभार तय नहीं हुआ है।

दारोगा भर्ती परीक्षा का मामला भी चर्चा में

इन घटनाक्रमों के बीच दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित धांधली से जुड़ा मामला भी महत्वपूर्ण है। BPSSC ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को अपना जवाब सौंप दिया है। जानकारी के मुताबिक, आयोग ने पूर्णिया और गया में परीक्षा के दौरान हुई कथित धांधली के मामले में आयोग के स्तर से की गई कार्रवाई का ब्योरा EOU को दिया है। हालांकि, EOU सूत्रों के मुताबिक आयोग की रिपोर्ट में कुछ सवालों के जवाब अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में एक तरफ दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़े सवाल जांच के दायरे में हैं और दूसरी तरफ BPSSC के अध्यक्ष एक महीने के अवकाश पर हैं।

तीन छुट्टियां, तीन अलग वजहें... फिर भी क्यों चर्चा?

पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यही है कि तीनों अधिकारियों ने अपनी-अपनी छुट्टी के लिए अलग कारण बताए हैं। DGP विनय कुमार ने LTC, BPSC अध्यक्ष ने व्यक्तिगत कारण और BPSSC अध्यक्ष केएस द्विवेदी ने पारिवारिक कारण बताया है।

इसलिए इन छुट्टियों को किसी एक वजह से जोड़ना फिलहाल उचित नहीं होगा। लेकिन एक ही समय में बिहार के पुलिस और भर्ती आयोगों से जुड़े तीन बड़े पदाधिकारियों के अवकाश पर जाने से मंगलवार को प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं जरूर होती रहीं। फिलहाल सरकार ने DGP और BPSC के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि तीनों अधिकारी कब वापस लौटते हैं और इस दौरान संबंधित विभागों में कामकाज किस तरह आगे बढ़ता है।