Bihar Village Development: बिहार में विकास को लेकर एक नई योजना शुरू किया गया है जिसके जरिए राज्य के गांवों में अब स्थानीय जरूरत के हिसाब से विकास कार्यों की योजना तैयार की जाएगी. विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्राम पंचायतों में 375 तरह के काम कराने का खाका तैयार किया गया है. इसे लेकर पटना के बापू सभागार में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अलग-अलग जिलों से अधिकारी और अभियंता शामिल हुए.


पंचायतों में होंगे 375 तरह के काम

योजना के तहत पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है. इन चार श्रेणियों में कुल 375 तरह के काम शामिल किए गए हैं. अधिकारियों को बताया गया कि पंचायतों में विकास कार्यों का चयन स्थानीय जरूरत के आधार पर किया जाएगा और प्राथमिकता तय करने के बाद उन्हें पूरा कराया जाएगा.


पहले अधूरे कामों का होगा सर्वे

योजना आयुक्त एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि नई योजना तैयार करने से पहले पंचायतों में पहले से कराए गए और अधूरे पड़े विकास कार्यों का सर्वे कराया जाएगा. इसके बाद पंचायत स्तर पर यह देखा जाएगा कि किस इलाके में किस तरह की सुविधा की जरूरत है और कौन से काम अभी पूरे नहीं हुए हैं. सर्वे और गैप असेसमेंट के बाद अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए नई योजना तैयार की जाएगी. इसमें पंचायतों में मौजूद सुविधाओं के साथ स्थानीय जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा.


लोगों की जरूरत के आधार पर तय होंगे काम

पंचायतों में कौन से विकास कार्य पहले कराए जाएं, इसमें स्थानीय लोगों की जरूरत और उनकी राय को भी शामिल किया जाएगा. इसके लिए मुखिया और पंचायत के अन्य जागरूक लोगों से सुझाव लेने पर जोर दिया गया है. तैयार की जाने वाली योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज की जाएगी. इससे पंचायत स्तर पर तैयार योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी.


पटना में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के बाद अधिकारियों को प्रखंड, जिला और अनुमंडल स्तर पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके जरिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को पंचायतों में विकास योजनाओं को तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी.


वीबी-जी राम जी योजना के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी अनीश रंजन राव ने बताया कि मनरेगा के तहत मुख्य रूप से अकुशल श्रम के जरिए ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर रहा है. नई योजना में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है.


योजना के तहत पंचायतों में लंबे समय तक उपयोगी रहने वाले बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की तैयारी है. इसके लिए स्थानीय जरूरत, अधूरे कार्य और पंचायत में उपलब्ध सुविधाओं का आकलन कर विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी.