Bihar News : बिहार के विकास और मौजूदा स्वरूप को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान का जिक्र किया है। उन्होंने बिहार के निर्माण में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों—श्रीकृष्ण सिंह यानी श्रीबाबू, कर्पूरी ठाकुर और नीतीश कुमार—की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास की यात्रा में अलग-अलग मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया है और इसे नकारा नहीं जा सकता।


एक बातचीत के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के निर्माण में श्रीबाबू, कर्पूरी ठाकुर और नीतीश कुमार का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने श्रीबाबू के कार्यकाल को बिहार की बुनियादी संरचना तैयार करने से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने राज्य के लिए पूरी संरचना खड़ी करने का काम किया। इसके बाद सत्ता में आने वाले मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने तरीके से बिहार को आगे बढ़ाने का काम किया।


नीतीश कुमार के काम का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी काम किया। उनके मुताबिक, बिहार में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ।


सम्राट चौधरी ने कहा कि आज बिहार के गांवों तक सड़क और बिजली पहुंची है और पानी की सुविधाओं में भी विस्तार हुआ है। उन्होंने नीतीश कुमार के कार्यकाल को बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से जोड़ते हुए कहा कि राज्य में लोगों के आवागमन और कामकाज के लिए आधारभूत ढांचा तैयार हुआ।


हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब बिहार को विकास की रफ्तार और तेज करनी होगी। उनका जोर औद्योगिक विकास और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी लाने पर है। उन्होंने कहा कि बिहार को महाराष्ट्र जैसी आर्थिक गति हासिल करने के साथ दिल्ली और कर्नाटक जैसे राज्यों की विकास गति की दिशा में आगे बढ़ना होगा।


उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर जोर

सम्राट चौधरी ने बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जमीन की उपलब्धता को बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 150 दिनों में करीब एक हजार उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने का काम सरकार ने किया है।


मुख्यमंत्री ने अपने उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू किया गया था और करीब 13 हजार एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई थी।


सरकार का फोकस अब बिहार में औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर है, ताकि राज्य में रोजगार के अवसर पैदा हों और आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके।


बिहार के बजट में भी बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री ने बिहार की आर्थिक स्थिति और बजट के आकार में हुए बदलाव की भी चर्चा की। उन्होंने बिहार को लैंडलॉक राज्य बताते हुए कहा कि यहां आबादी का घनत्व काफी अधिक है। सम्राट चौधरी के अनुसार, जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब बिहार की राजस्व स्थिति काफी कमजोर थी।


उन्होंने अपने वित्त मंत्री रहते हुए बजट पेश करने के अनुभव को भी याद किया। उनके मुताबिक, उस समय उन्होंने 3 लाख 17 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया था और इसे उन्होंने अपने लिए गौरव का दिन बताया।


सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अब बदल रहा है और आगे की चुनौती इस बदलाव को तेज आर्थिक विकास में बदलने की है। इसके लिए उद्योग, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में लगातार काम करने की जरूरत है।