Bihar Police SI Exam: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) के 1,799 पदों के लिए मई में आयोजित मुख्य लिखित परीक्षा में कथित धांधली की शिकायतों की जांच अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) करेगी। इसके लिए EOU ने एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया है।



EOU की SIT ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर पूर्णिया और गया के रामपुर थाने में दर्ज दोनों प्राथमिकी को टेकओवर कर लिया है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि गया और पूर्णिया में सामने आए मामले के पैटर्न पर किसी अन्य जिले या परीक्षा केंद्र पर भी परीक्षा में गड़बड़ी तो नहीं हुई।



इस मामले को लेकर सोमवार को EOU के अधिकारियों ने बैठक कर विस्तृत जांच कार्ययोजना तैयार की। बैठक में अब तक की पुलिस जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और दर्ज प्राथमिकी का भी अध्ययन किया गया। अब जांच टीम परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी।



दरअसल, छात्र प्रतिनिधिमंडलों ने पिछले सप्ताह अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा विभाग के सचिव से मुलाकात की थी। इस दौरान दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की जांच कराने की मांग भी उठाई गई थी। इसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर EOU ने गया और पूर्णिया में पहले से दर्ज मामलों को अपने हाथ में लिया है।



इन दोनों प्राथमिकी के अलावा EOU को हेल्पलाइन नंबर और अन्य माध्यमों से भी छात्रों और अभिभावकों की ओर से परीक्षा में धांधली की आशंका से संबंधित शिकायतें मिली हैं। जांच एजेंसी इन शिकायतों को भी जांच के दायरे में रखेगी।



वहीं, BPSSC दारोगा भर्ती परीक्षा की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया को पहले ही अगले आदेश तक स्थगित कर चुका है। प्रारंभिक लिखित परीक्षा में करीब 35,857 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 414 अभ्यर्थियों को कदाचार और अन्य कारणों से अयोग्य घोषित किया गया है।



अब EOU की SIT परीक्षा में कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि गड़बड़ी केवल गया और पूर्णिया तक सीमित थी या इसके पीछे कोई व्यापक नेटवर्क अथवा अन्य परीक्षा केंद्र भी शामिल थे।