Bihar News : बिहार के रोहतास जिले में डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या ने पूरे प्रशासनिक महकमे को झकझोर कर रख दिया है। अब इस सनसनीखेज हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक विमल कुमार के शरीर पर कठोर और कुंद वस्तु से कई बार हमला किया गया था। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि उनकी मौत दम घुटने (एस्फिक्सिया) और अत्यधिक रक्तस्राव से हुए हेमरेजिक शॉक के कारण हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की रफ्तार और बढ़ा दी है। मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी अब हत्या से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने का प्रयास करेगी।
मेडिकल रिपोर्ट ने उजागर की हत्या की क्रूरता
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, विमल कुमार के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि उन पर बेहद बेरहमी से हमला किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि चोटों के साथ-साथ उनका दम घोंटा गया, जिससे उनकी मौत हुई। पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आईजी बोले- दोषी कोई भी हो, नहीं मिलेगी राहत
मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने कहा कि एसआईटी आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से जांच कर रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस हत्याकांड में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि एक अगस्त को विमल कुमार सासाराम से पटना लौट रहे थे। इसी दौरान औरंगाबाद जिले के बारुण क्षेत्र में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईओ की हत्या से नगर निकाय कर्मियों में आक्रोश
इधर, मंगलवार को दानापुर स्थित विमल कुमार के आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। बिहार नगर सेवा संघ के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यपालक पदाधिकारी और नगर निकाय के अधिकारी शामिल हुए। सभी ने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।
सभा के दौरान अधिकारियों ने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कैसे हो पाएगा। उन्होंने इस घटना को पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी बताया।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने की मांग
श्रद्धांजलि सभा में कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने राज्य सरकार से मांग की कि इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके। उनका कहना था कि इससे अधिकारियों और आम लोगों दोनों का भरोसा मजबूत होगा।
अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच पर टिकी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की क्रूरता को सामने ला दिया है, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि जांच एजेंसियां जल्द ही इस हत्याकांड के सभी आरोपियों तक पहुंचकर पूरे मामले का खुलासा करेंगी।