Bihar Cyber Crime : बिहार में बढ़ते साइबर अपराध के खिलाफ बिहार पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से जुलाई 2026 के बीच साइबर ठगी से जुड़ी 1,14,918 वित्तीय शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों के आधार पर करीब 104.05 करोड़ रुपये की रकम होल्ड कराई गई। पुलिस के आंकड़ों से साफ है कि साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ-साथ ठगी की रकम को रोकने और पीड़ितों तक वापस पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई राज्य में साइबर अपराध की रोकथाम, साइबर अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता के लिए नोडल संस्था के रूप में काम कर रही है। इकाई की ओर से साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ तकनीकी जांच और साइबर इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

104 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम कराई गई होल्ड

प्रेस नोट के अनुसार जनवरी 2026 से जुलाई 2026 के बीच वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित 1,14,918 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें करीब 104.05 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई गई। होल्ड प्रतिशत 29.52 फीसदी रहा। वहीं जनवरी 2025 से जुलाई 2026 की तुलना में भी बड़ी संख्या में साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई हैं।

सिर्फ वित्तीय धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और दूसरे साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों पर भी पुलिस कार्रवाई कर रही है। जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान 13,642 अन्य साइबर अपराध/सोशल मीडिया संबंधी शिकायतें दर्ज हुईं।

साइबर ठगी के मामलों में 2,942 FIR, 552 गिरफ्तार

जनवरी से जून 2026 तक साइबर अपराध के मामलों में 9.99 करोड़ रुपये की राशि रिफंड कराई गई। इस अवधि में 2,942 FIR दर्ज की गईं, जबकि 552 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की कार्रवाई में फर्जी दस्तावेज, फर्जी लोन, नौकरी के नाम पर ठगी, फर्जी वेबसाइट, म्यूल अकाउंट और डिजिटल माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं।

6,399 मोबाइल नंबर और 1,876 IMEI ब्लॉक

साइबर इंटेलिजेंस के स्तर पर भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए या संदिग्ध पाए गए 6,399 मोबाइल नंबरों और 1,876 IMEI नंबरों को ब्लॉक कराया गया। इससे साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नेटवर्क और डिवाइस पर कार्रवाई करने में मदद मिली है।

साइबर प्रहार अभियान में भी कार्रवाई

बिहार पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ Cyber Prahar अभियान के जरिए भी कार्रवाई की। साइबर प्रहार 2.0 में 1,215 म्यूल अकाउंट से जुड़े मामलों में 112 FIR और 89 गिरफ्तारियां हुईं। वहीं साइबर प्रहार 3.0 में 536 मामलों में 143 FIR और 99 गिरफ्तारियां दर्ज की गईं। इसके अलावा जुलाई 2026 तक साइबर प्रहार 4.0 के तहत 3,177 म्यूल अकाउंट से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की गई।

सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर

साइबर पुलिस की सोशल मीडिया पेट्रोलिंग यूनिट भी लगातार सक्रिय है। जनवरी से जुलाई 2026 तक आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने वाले 2,809 सोशल मीडिया URL/User IDs को टेकडाउन कराने की कार्रवाई की गई। इसी अवधि में 738 IDs को डिलीट भी कराया गया।

जिलों में साइबर ठगी के खिलाफ विशेष अभियान

बिहार के अलग-अलग जिलों में साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और डिजिटल उपकरणों की बरामदगी भी हुई है। पटना साइबर थाना समेत गया, नवादा, बगहा, जमुई और समस्तीपुर सहित कई जिलों में फर्जी लोन, नौकरी, अस्पताल में भर्ती कराने, लॉटरी, QR कोड, यूपीआई और सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कई मामलों में मोबाइल, सिम कार्ड, चेकबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप और दूसरे डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।

630 पुलिसकर्मियों को साइबर ट्रेनिंग

साइबर अपराध की जांच को मजबूत करने के लिए बिहार पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जनवरी 2026 से अब तक पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस निरीक्षक और पुलिस अवर निरीक्षक समेत 630 पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया है।

91 जगहों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम

साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया है। जनवरी 2026 से अब तक बिहार के विभिन्न जिलों के स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रेस नोट के मुताबिक कुल 91 कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

बिहार पुलिस अब साइबर अपराध की जांच को और तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है। डिजिटल इन्वेस्टिगेशन लैब में अब तक 72 मोबाइल, 9 हार्ड ड्राइव और 9 लैपटॉप का डेटा एक्सट्रैक्शन किया गया है। इसके अलावा 14 डीपफेक फोटो/वीडियो की जांच और 6 क्रिप्टोकरेंसी मामलों में अनुसंधान किया जा रहा है।