Bihar Crime Politics: बिहार में कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शनिवार को रोहतास जिले के दिनारा के लिए रवाना हुए, जहां चंदेश्वर चौधरी की हत्या हुई थी। तेजस्वी यादव ने घटनास्थल पर जाने से पहले बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि वह दिनारा जाकर चंदेश्वर चौधरी के परिजनों से मुलाकात करेंगे और परिवार की स्थिति की जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से पहले भी फोन पर बातचीत हुई है, लेकिन अब वह खुद उनके घर जाकर परिवार के सदस्यों से मिलेंगे। तेजस्वी ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी बात कही।

चंदेश्वर चौधरी हत्याकांड को लेकर सरकार पर हमला

रोहतास के दिनारा में हुई चंदेश्वर चौधरी की हत्या को लेकर तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मजदूरी मांगने गए एक पिछड़े वर्ग के परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई और उनकी हत्या कर दी गई। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि इस मामले में अपराधियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उनके मुताबिक अपराधियों में पुलिस और प्रशासन का डर नहीं रह गया है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अगर अपराधियों पर कार्रवाई नहीं होगी और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा तो आम लोगों का भरोसा कानून-व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा।

'सम्राट चौधरी की सरकार में अपराधियों का बोलबाला'

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब से वर्तमान सरकार सत्ता में आई है, तब से बिहार में अपराधियों का बोलबाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस और प्रशासन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस तरह की स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेगा।

छात्रों पर कार्रवाई का भी उठाया मुद्दा

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में छात्रों से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में छात्रों के आंदोलन के दौरान गोली चलाने तक की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए करना चाहिए, न कि बल प्रयोग के जरिए।

उन्होंने बिहार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राज्य का खजाना खाली है और कर्मचारियों को वेतन तथा पेंशन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार की स्थिति चिंताजनक है।

भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा

तेजस्वी यादव ने बिहार में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है और भ्रष्ट अधिकारियों तथा अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें संरक्षण देने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी ने सरकार से मांग की कि चंदेश्वर चौधरी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

'बिहार से नहीं, दिल्ली से चल रही सरकार'

तेजस्वी यादव ने केंद्र और बिहार सरकार के बीच संबंधों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सरकार अपने स्तर पर फैसले नहीं ले रही है, बल्कि दिल्ली से सरकार चल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'रबर स्टैंप मुख्यमंत्री' तक कह दिया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में मुख्यमंत्री स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि, तेजस्वी यादव के इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इस पूरे मामले पर सरकार का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद क्या कहेंगे तेजस्वी?

दिनारा पहुंचने के बाद तेजस्वी यादव चंदेश्वर चौधरी के परिजनों से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि मुलाकात के दौरान वह घटना की जानकारी लेने के साथ परिवार को आर्थिक सहायता भी देंगे। इसके अलावा वह स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी बातचीत कर सकते हैं।

चंदेश्वर चौधरी हत्याकांड को लेकर अब बिहार में सियासत और तेज होने की संभावना है। विपक्ष जहां इस घटना को कानून-व्यवस्था की विफलता से जोड़कर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार की ओर से मामले में पुलिस कार्रवाई और जांच की स्थिति सामने रखी जा सकती है। अब नजर इस बात पर होगी कि पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव सरकार से कौन-कौन सी मांगें रखते हैं और इस मामले में प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।