Bihar News: बिहार में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खुल सकता है। खेल विभाग ने भारतीय पुरुष और महिला वरिष्ठ क्रिकेट टीम के उन खिलाड़ियों को भी 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिनका चयन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा किया जाता है।
अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो बिहार के ऐसे क्रिकेट खिलाड़ियों को लेवल-9 की सरकारी नौकरियों का लाभ मिल सकता है। खेल विभाग का मानना है कि इससे राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और युवा प्रतिभाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
क्रिकेट सहित सभी खेलों को बढ़ावा देने की तैयारी
बिहार सरकार लगातार खेल व्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है। प्रस्तावित स्पोर्ट्स एक्शन प्लान में स्कूल स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को तैयार करने की योजना बनाई गई है।
इस योजना के तहत स्कूलों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में शारीरिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए 4,818 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति और पदस्थापना की जा चुकी है।
इसके अलावा करीब 17 हजार शिक्षकों को बच्चों को आयु के अनुसार योग और फिटनेस प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
खिलाड़ियों की पहचान और प्रशिक्षण पर जोर
स्पोर्ट्स एक्शन प्लान में कई नई पहल शामिल की गई हैं। इनमें स्कूलों के लिए फिजिकल लिटरेसी रिपोर्ट कार्ड, वैज्ञानिक तरीके से खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षकों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के प्रमाणन कार्यक्रम, फिट कैंपस चैलेंज और खिलाड़ियों के लिए वेलनेस पोर्टल जैसी योजनाएं शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि बिहार से अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं। इसके लिए खेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
राजगीर क्रिकेट स्टेडियम में बढ़ेगी खेल सुविधाएं
बिहार में क्रिकेट को नई पहचान देने के लिए राजगीर में बन रहे क्रिकेट स्टेडियम पर भी काम तेजी से चल रहा है। स्टेडियम का पवेलियन तैयार हो चुका है, जबकि अन्य दर्शक दीर्घाओं का निर्माण जारी है।
इस स्टेडियम की क्षमता करीब 40 हजार दर्शकों की होगी। इस परियोजना के लिए लगभग 1,121 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तैयार होने के बाद बिहार में बड़े क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
पंचायत स्तर तक तैयार हो रहे खेल मैदान
राज्य में खेल सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाने की भी योजना है। बिहार की कुल 8,053 पंचायतों में से 4,700 पंचायतों में 5,266 खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं। बाकी पंचायतों में भी प्राथमिकता के आधार पर खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि बेहतर खेल सुविधाएं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों से भी नई प्रतिभाएं सामने आएंगी।
युवा खिलाड़ियों को मिलेगा नया हौसला
बिहार में क्रिकेटरों को सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव खेल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे बिना चिंता के अपने खेल करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
खेल विभाग की यह पहल बिहार को खेल के क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।