पटना: केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) परीक्षा में फर्जीवाड़ा और अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने वाले गिरोह के खिलाफ पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की विशेष टीम ने अरवल और मुंगेर जिलों में छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सचिवालय-1 की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) डॉ. अनु कुमारी ने बताया कि वर्ष 2024-25 की सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली और सॉल्वर गैंग की संलिप्तता की जांच लगातार की जा रही थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर सचिवालय थाना कांड संख्या 76/25 दर्ज किया गया था।
पुलिस जांच में यह सामने आया कि केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई थीं। इस मामले में कुल 563 अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन पर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और फर्जी तरीके से चयन सुनिश्चित कराने का आरोप है।
पुलिस ने 10 जून 2026 को विशेष अभियान चलाकर अरवल और मुंगेर जिले में छापेमारी की। इस दौरान मामले से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिपाही भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में अब तक कुल 88 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजय, बलराम, मिथुन, रामजीवन, सुभाष, गोपाल, मृत्युंजय दास, सुधीर, राजा बाबू के रूप में हुई है। पटना पुलिस का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पटना से सूरज की रिपोर्ट