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09-Dec-2025 10:16 AM
By First Bihar
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य परीक्षा धांधली और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की प्रभावी निगरानी करना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार ईओयू के एडीजी नैय्यर हसनैन खान ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किया।
विशेष टीम का नियंत्रण एसपी (प्रशासन) राजेश कुमार के पास है। ईओयू ने परीक्षा शाखा में करीब एक दर्जन पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की है। टीम में इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह को शाखा प्रभारी बनाया गया है, जबकि इंस्पेक्टर फुलदेव चौधरी, उषा कुमारी, दारोगा ज्योति कुमारी, पीटीसी शाहबाज अहमद और सिपाही निशा कुमारी को टीम में शामिल किया गया है। साथ ही ईओयू के डीएसपी जाकिर हुसैन को परीक्षा शाखा का समीक्षा पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
इस विशेष टीम का कार्य परीक्षा धांधली से जुड़े मामलों पर सतत नजर रखना, संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। टीम परीक्षा धांधली के मामलों की जांच में तेजी लाने के साथ ही अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय भी बनाएगी। ईओयू ने इसके लिए एक डाटाबैंक तैयार किया है, जिसमें परीक्षा धांधली रैकेट से जुड़े लोगों का रिकॉर्ड रखा गया है। इस डाटाबैंक के आधार पर संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई तेज और प्रभावी होगी।
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की घटनाएं लगातार चिंता का विषय रही हैं। इससे उम्मीदवारों का भरोसा कम हुआ है और न्यायसंगत भर्ती प्रक्रिया पर प्रश्न चिन्ह उठते रहे हैं। इसे देखते हुए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने विशेष टीम गठन का निर्देश दिया ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षा में अनियमितता न हो और परीक्षा निष्पक्षता बनाए रखी जा सके।
ईओयू ने आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। इसी माह 14 दिसंबर को बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के अंतर्गत परिवहन विभाग में प्रवर्तन अवर निरीक्षक के पद के लिए मुख्य लिखित परीक्षा होने वाली है। इस परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए विशेष टीम पूरी तरह सतर्क रहेगी।
सामान्य लोगों से भी ईओयू ने सहयोग मांगा है। परीक्षा धांधली या पेपर लीक से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए वॉट्सएप नंबर 9031829067 और ई-मेल आइडी digeou-bih@gov.in जारी किया गया है। आमलोग इन माध्यमों से सीधे जानकारी भेज सकते हैं, जिससे टीम को संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
बिहार में हाल ही में धांधली और पेपर लीक के मामलों में दोषियों के लिए दंडात्मक प्रावधान भी कड़े किए गए हैं। नए कानून के तहत दोषियों को दस साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि परीक्षा धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेष टीम के गठन से न केवल परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि उम्मीदवारों का भरोसा भी बहाल होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रतिभा और योग्यता के आधार पर ही सरकारी नौकरियों में चयन हो। ईओयू की इस पहल को प्रशासनिक दक्षता और सख्ती का उदाहरण माना जा रहा है।
आगामी परीक्षाओं के लिए यह टीम हर स्तर पर सक्रिय रहेगी। टीम का लक्ष्य केवल दोषियों की पहचान करना नहीं, बल्कि संभावित खतरों को पहले ही रोकना भी है। इसके लिए टीम समय-समय पर समीक्षा बैठकें करेगी और आवश्यकतानुसार रणनीति में बदलाव भी करेगी।
ईओयू का यह कदम बिहार में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस पहल से स्पष्ट होता है कि सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की धांधली को रोकने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए गंभीर है।