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16-Dec-2025 11:46 AM
By First Bihar
VLTD mandatory in Bihar : बिहार सरकार ने राज्य में सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में चलने वाले सभी सार्वजनिक और वाणिज्यिक वाहनों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और इमरजेंसी बटन लगाना अनिवार्य किया जा रहा है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया कि तय समय सीमा के भीतर इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा, अन्यथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि बिहार में इस समय सार्वजनिक यात्री वाहनों में से केवल 30 से 40 प्रतिशत वाहनों में ही ट्रैकिंग डिवाइस लगे हुए हैं। जबकि इस काम के लिए राज्य में करीब 30 एजेंसियों को अधिकृत किया गया है, लेकिन उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि व्यवस्था में तेजी लाई जाए और अनुपालन को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के तय मानदंडों के अनुसार 1 जनवरी 2019 के बाद निर्मित सभी सार्वजनिक वाहनों में VLTD और इमरजेंसी बटन पहले से ही अनिवार्य हैं। इसके अलावा, 1 जनवरी 2019 से पहले बने पुराने सार्वजनिक वाहनों में भी पंजीकरण, परमिट नवीनीकरण, बीमा नवीनीकरण या फिटनेस परीक्षण के समय इन उपकरणों को लगवाना जरूरी है। राष्ट्रीय परमिट के तहत चलने वाले वाहनों में भी वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ट्रैकिंग सिस्टम की कमी के कारण तेज गति से वाहन चलाने, रूट नियमों के उल्लंघन और अचानक ब्रेक लगाने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इन कारणों से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि खासकर ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही से सड़क और पुल-पुलियों जैसी बुनियादी संरचनाओं को भी नुकसान पहुंच रहा है। VLTD सिस्टम के जरिए वाहनों की गति, मार्ग और व्यवहार पर नजर रखी जा सकेगी, जिससे दुर्घटनाओं पर नियंत्रण संभव होगा।
क्या है VLTD और कैसे करता है काम?
वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) एक आधुनिक तकनीकी उपकरण है, जो GPS और मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से वाहन की रियल-टाइम लोकेशन और गति की जानकारी देता है। यह डिवाइस सीधे परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम से जुड़ा होता है। जैसे ही वाहन चलता है, उसकी लोकेशन, स्पीड और रूट की जानकारी सिस्टम में दर्ज होती रहती है।
VLTD में एक इमरजेंसी बटन भी लगा होता है, जिसे दबाते ही वाहन की लोकेशन के साथ आपातकालीन अलर्ट कंट्रोल रूम को भेज दिया जाता है। इसके बाद तय प्रोटोकॉल के अनुसार पुलिस, एंबुलेंस या अन्य संबंधित एजेंसियों को तुरंत सूचना दी जाती है, ताकि समय पर मदद पहुंचाई जा सके।सरकार का कहना है कि VLTD और इमरजेंसी बटन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को बढ़ाना है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने के दौरान किसी भी तरह की आपात स्थिति, छेड़छाड़ या खतरे की स्थिति में यात्री तुरंत सहायता मांग सकते हैं। इससे अपराध पर अंकुश लगेगा और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
मंत्री श्रवण कुमार ने साफ शब्दों में कहा है कि तय समय सीमा के भीतर सभी पात्र वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन लगाना होगा। ऐसा नहीं करने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ जुर्माना, परमिट रद्द करने और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
बहरहाल, बिहार सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में VLTD के जरिए न केवल दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी, बल्कि राज्य की परिवहन व्यवस्था भी अधिक सुरक्षित और अनुशासित हो सकेगी।