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Bihar cold wave : बिहार में ठंड का कहर: तीन दिनों तक और बढ़ेगी कंपकंपी, शीतलहर जैसे हालात के आसार

बिहार में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, जिससे राज्य के अधिकांश जिलों में शीतलहर जैसे हालात बन सकते

Bihar cold wave : बिहार में ठंड का कहर: तीन दिनों तक और बढ़ेगी कंपकंपी, शीतलहर जैसे हालात के आसार

07-Jan-2026 07:09 AM

By First Bihar

Bihar cold wave : बिहार में ठंड का प्रकोप लगातार जारी है और आने वाले तीन दिन लोगों के लिए और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड की तीव्रता बढ़ेगी। खासकर न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना जताई गई है। इसके चलते राज्य के अधिकांश जिलों में शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं, जिससे जनजीवन पर व्यापक असर पड़ेगा।

क्यों बढ़ रही है ठंड?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हिमालयी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट हो रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद हवा में ठंडक बनी रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। रात और सुबह के समय ठिठुरन सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है।

किन जिलों में असर ज्यादा?

राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में ठंड का असर अधिक देखने को मिल सकता है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, सहरसा, समस्तीपुर, बेगूसराय और छपरा समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है। कुछ स्थानों पर तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, सुबह के समय घना कोहरा छाने से दृश्यता कम हो सकती है।

शीतलहर का खतरा

मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि तापमान में तेज गिरावट के कारण शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। शीतलहर का सीधा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ सकता है। ठंडी हवाओं के कारण त्वचा, सांस और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ने की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में खुले में काम करने वाले मजदूरों और किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।

जनजीवन पर प्रभाव

ठंड बढ़ने से सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सुबह-शाम सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, जबकि गरीब और बेघर लोगों के लिए ठंड सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। ठंड के कारण बाजारों में भी सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहता है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारी

ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। कई नगर निकाय क्षेत्रों में अलाव जलाने और रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों के लिए अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक ठंड का यह दौर जारी रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सुबह के समय कोहरा और ठंडी हवाएं बनी रह सकती हैं।

सावधानी ही बचाव

मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनना, गर्म भोजन करना और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ठंड से बचाकर रखना जरूरी है।

कुल मिलाकर, बिहार में ठंड का असर अभी थमने वाला नहीं है। आने वाले तीन दिन राज्यवासियों के लिए और ठंडे साबित हो सकते हैं, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।