Bihar News : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना में आयोजित 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में छात्रों के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्तमान विद्यार्थियों के साथ-साथ पूर्ववर्ती छात्रों के लिए भी एक नई योजना शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार से बाहर जाकर सफलता हासिल करने वाले पूर्व छात्र अब अपनी जन्मभूमि और अपने पुराने स्कूल के विकास में योगदान दे सकेंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूर्ववर्ती छात्रों के लिए एक ऐसी स्कीम लॉन्च करने जा रही है, जिसके तहत कोई पूर्व छात्र यदि अपने पुराने स्कूल में भवन या कमरा बनवाना चाहता है तो सरकार उसे प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पूर्व छात्र द्वारा स्कूल के लिए बनवाए गए भवन या कमरे का नाम उसके परिवार के नाम पर रखा जा सकेगा। इससे उन लोगों को अपने पुराने स्कूल से जुड़ने और उसके विकास में योगदान देने का अवसर मिलेगा।


सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के बहुत से लोग पढ़ाई या रोजगार के लिए राज्य से बाहर गए और अपने परिश्रम के बल पर देश-दुनिया में बड़ी पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि आज भी ऐसे लोग अपनी मेहनत और उपलब्धियों के जरिए मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता में बच्चों के साथ-साथ उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान है।


उन्होंने विद्यार्थियों से इसी तरह मेहनत करते रहने और अपने जीवन को बेहतर बनाने की अपील की। साथ ही यह संदेश भी दिया कि सफलता हासिल करने के बाद अपनी जन्मभूमि और उस संस्थान को नहीं भूलना चाहिए, जहां से शिक्षा की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री ने बिहार में युवाओं के बीच सरकारी नौकरी को लेकर बनी मानसिकता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बिहार में एक बड़ा ट्रेंड है कि बच्चे अपने भविष्य के लिए सिर्फ सरकारी नौकरी की तरफ देखते हैं। इसके पीछे वजह यह है कि हर व्यक्ति अपने जीवन को सुरक्षित बनाना चाहता है और सरकारी नौकरी को स्थिर भविष्य के रूप में देखा जाता है।


हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार बदल रहा है। राज्य में उद्योग के क्षेत्र में भी लगातार काम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि करीब 1000 उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने का काम किया जा चुका है। ऐसे में आने वाले समय में उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।


सम्राट चौधरी ने मेधावी विद्यार्थियों से कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि यही प्रतिभा बिहार के विकास की भागीदार बने। उन्होंने युवाओं से कहा कि अभी तक वे अपने लिए नौकरी की चिंता करते रहे होंगे, लेकिन अब उनसे उम्मीद है कि वे भविष्य में नौकरी देने वाले बनें।मुख्यमंत्री के इस संदेश का मकसद युवाओं को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित रहने के बजाय उद्यमिता, उद्योग और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।


अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार से बाहर रहने वाले सफल लोगों और मेधावी छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि को ठीक करना होगा।उन्होंने कहा कि यदि जन्मभूमि बेहतर होगी तो कर्मभूमि भी अपने आप बेहतर हो जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बिहार के बाहर रहकर सफलता हासिल करने वाले लोग यदि अपने राज्य और अपने पुराने स्कूलों के विकास में योगदान दें तो इससे शिक्षा व्यवस्था और आधारभूत संरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।


मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री का यह ऐलान एक तरफ पूर्व छात्रों को अपने स्कूलों से जोड़ने की पहल के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ युवाओं को सरकारी नौकरी की मानसिकता से आगे बढ़कर रोजगार सृजनकर्ता बनने का संदेश भी दिया गया है।