BIHAR BJP :  बिहार की राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होने जा रहे कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा अपने कोटे से कई नए चेहरों को मंत्री पद की जिम्मेदारी देने जा रही है। पार्टी ने इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार की है, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हर वर्ग को साधा जा सके।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा की ओर से जिन नेताओं के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं उनमें नंदकिशोर राम, रामचंद्र साह, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी और ई. शैलेंद्र प्रमुख हैं। इन नेताओं को शामिल कर भाजपा जातीय समीकरण के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।


बताया जा रहा है कि पार्टी इस बार अत्यंत पिछड़ा वर्ग, सवर्ण, वैश्य और दलित समाज के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर व्यापक सामाजिक संदेश देना चाहती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच भाजपा किसी भी वर्ग को नाराज नहीं करना चाहती। यही वजह है कि संगठन और सरकार दोनों स्तर पर संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।


नीतीश मिश्रा को मिथिलांचल क्षेत्र का बड़ा चेहरा माना जाता है। उनके मंत्री बनने से उत्तर बिहार खासकर मिथिला क्षेत्र में भाजपा को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं मिथिलेश तिवारी को ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व उन्हें शामिल कर सवर्ण वोट बैंक को और मजबूत करने की तैयारी में है।


नंदकिशोर राम और रामचंद्र साह के जरिए भाजपा दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं तक बड़ा संदेश देना चाहती है। वहीं ई. शैलेंद्र को संगठन के सक्रिय और जमीनी नेता के रूप में देखा जाता है। माना जा रहा है कि युवा और तकनीकी सोच वाले नेताओं को आगे लाकर भाजपा नई राजनीतिक ऊर्जा का संदेश देना चाहती है।


कैबिनेट विस्तार को लेकर पटना में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। गांधी मैदान और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।


राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि इस कैबिनेट विस्तार के जरिए भाजपा आगामी चुनावों की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी है। पार्टी चाहती है कि सरकार और संगठन दोनों स्तर पर ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाया जाए जिनकी पकड़ अपने-अपने समाज और क्षेत्र में मजबूत हो।


अब सबकी निगाहें आज होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा किन नेताओं को अंतिम रूप से मंत्री पद की जिम्मेदारी देती है और यह नया राजनीतिक समीकरण बिहार की राजनीति में क्या असर डालता है।