PATNA: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित बिहार कैबिनेट की बैठक में 25 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक में ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा, कृषि, शहरी विकास और भूमि प्रबंधन से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें सबसे प्रमुख फैसला ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना को मंजूरी देना रहा।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे बिहार में लागू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति देना है। इसके अलावा अमृत 2.0 योजना के तहत बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा शहरों के विकास के लिए 736 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे शहरी आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
जमीन की मापी के शुल्क में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने भूमि मापी शुल्क में वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था के तहत अब जमीन की मापी कराने के लिए पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। शहरी क्षेत्रों (नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत) में रैयती भूमि की मापी के लिए प्रति खेसरा 2,000 रुपये तथा अधिकतम 8,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 1,000 रुपये तथा अधिकतम 4,000 रुपये शुल्क लिया जाएगा। तत्काल मापी की सुविधा के लिए शहरी क्षेत्रों में प्रति खेसरा 4,000 रुपये तथा अधिकतम 16,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा 2,000 रुपये तथा अधिकतम 8,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 3,662 करोड़ मंजूर
बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को मई, जून और जुलाई 2026 की पेंशन राशि के भुगतान के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 3,662 करोड़ रुपये अग्रिम स्वीकृत किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित छह सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,100 रुपये की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दी जाती है। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रत्येक माह की 10 तारीख तक पेंशन राशि लाभार्थियों के खातों में पहुंच जाएगी।
फसल बीमा योजना को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने रबी मौसम 2026-27 से केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को बिहार में लागू करने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही खरीफ 2018 से संचालित बिहार राज्य फसल सहायता योजना का स्थान यह नई योजना लेगी। सरकार के अनुसार नई योजना के तहत किसानों को फसल क्षति की स्थिति में कृषि लागत के अनुरूप मुआवजा मिलेगा। साथ ही बीमित भूमि की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं होने के कारण बड़े जोत वाले किसानों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। कैबिनेट के इन फैसलों को ग्रामीण विकास, किसानों के हित, सामाजिक सुरक्षा और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।