Bihar Cabinet Meeting: सीएम सचिवालय में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रीपरिषद की बैठक में कुल 30 एजेंडों पर मुहर लगाई गयी। जिसमें बिहार के दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और विजेन्द्र यादव सहित तमाम मंत्री मौजूद रहे। बिहार सरकार ने क्षेत्रीय उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए फ्लाइटों में इस्तेमाल किये जाने वाले ईंधन पर वैट शून्य कर दिया है। जिससे विमानों का किराया घट सकता है। वही ग्रीन हाइड्रोजन नीति और मुंगेर में सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी है। सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की  बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये।


बिहार में सरकार ने विमानों के ईंधन पर वैट दर घटाकर शून्य कर दी है। जिससे यह संभावना जतायी जा रही है कि फ्लाइट का किराया सस्ता होगा। वाणिज्य कर विभाग की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह बताया गया है कि वायुयान में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाले ATF पर वैट की दर पूर्व में 29% से घटाकर जून 2025 में एक समान रूप से 4% किया गया था। किन्तु रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS) के अंतर्गत वैट की दर 2018 में ही 1% कर दी गई थी।


सम्यक विचारोपरान्त सरकार द्वारा क्षेत्रीय उड़ानों को गति प्रदान करने के लिए राज्य में Regional Connectivity Scheme (RCS) हेतु पूर्व से लागू ATF पर वैट की दर 1% को घटाकर शून्य प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्रीय उड़ानों की संख्या में वृद्धि होगी तथा राज्य की अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।



हरित हाइड्रोजन नीति को मंजूरी

रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने और प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को राज्य सरकार ने मंजूरी दी है। सम्राट कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गयी है। नीति के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया जाएगा।



सोलर प्लांट से जुड़ेंगे 2554 कृषि फीडर

वही बिहार के शेष 2554 कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके तहत कुल 2585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। योजना के लिए सरकार 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से कुल 2714.25 करोड़ रुपये का अनुदान देगी।


वही कैबिनेट की बैठक में मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से परसा-संपतचक को जोड़ने का फैसला लिया गया। जिसे बनाने के लिए 82.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति कैबिनेट ने दे दी है। मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से परसा-संपतचक पथ तक संपर्कता बढ़ाने के लिए नए सड़क निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना पर कुल 82 करोड़ 25 लाख 77 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है।


योजना के तहत मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से 2-लेन डाउन रैम्प और परसा-संपतचक पथ के संरेखण में 2-लेन एट-ग्रेड सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके जरिए मीठापुर-सिपारा-महुली-पुनपुन परियोजना को परसा-संपतचक पथ से जोड़ा जाएगा।


नए सड़क मार्ग के निर्माण से मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर से परसा-संपतचक पथ तक सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे क्षेत्र में यातायात की सुगमता बढ़ने के साथ पटना शहर के लिए एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने की उम्मीद है। योजना का कार्यान्वयन बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDC) के मुख्य महाप्रबंधक, पटना के माध्यम से कराया जाएगा।