Bihar Cabinet Meeting:पटना के मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में चल रही कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है। सम्राट कैबिनेट की बैठक में 10 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है। बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा बिहार में संचालित एकल (Stand-Alone) निजी शिक्षक शिक्षा संस्थानों (B.Ed.) को बहुविषयक डिग्री महाविद्यालयों के रूप में विकसित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस निर्णय के फलस्वरूप NCTE से मान्यता प्राप्त संस्थानों में शिक्षक शिक्षा (B.Ed.) के साथ-साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य तथा अन्य विषयों के स्नातक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे। नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन संबंधित विश्वविद्यालय, UGC, NCTE एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों एवं आवश्यक स्वीकृतियों के अनुरूप किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों को अपने जिले अथवा निकटवर्ती क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे, उच्च शिक्षा तक पहुँच सुदृढ़ होगी तथा राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) में वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।
वही ‘सात निश्चय-3’ के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक विस्तारित किया जाएगा। ₹430.08 करोड़ की स्वीकृति से युवाओं को AI, ड्रोन, सोलर, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषा एवं उद्यमिता जैसे भविष्य के कौशलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रत्यक्ष रूप से 6,436 रोजगार के अवसर सृजित होंगे और प्रतिवर्ष 2.57 लाख से अधिक युवा प्रशिक्षित होंगे।
जबकि ग्रीनफील्ड सैटेलाईट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय / हस्तांतरण की स्वीकृति संबंधी निर्गत संकल्प ज्ञापांक-7920, दिनांक-29.07.2026 पर घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गयी है। उक्त के फलस्वरूप अधिसूचित ग्रीनफील्ड सैटेलाईट शहरों में विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के पश्चात भूमि के क्रय-विक्रय / हस्तांतरण पर लगी रोक हटा ली गयी है। इसके अतिरिक्त बिहार नगर विकास प्राधिकरण के पास विकास योजना के प्रारूप प्रकाशन के पश्चात क्रय-विक्रय / हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने का अधिकार होगा। साथ ही, भूमि विकास तथा भवन निर्माण उक्त प्राधिकरण द्वारा विकास योजना एवं संबद्ध विकास नियंत्रण विनियमन (DCR) के अधीन नियंत्रित किया जाएगा।