Bihar News: बिहार में हाल ही में बस किराए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आने के बाद अब बस संचालकों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। परिवहन विभाग के अनुसार, इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना और व्यवस्था में पारदर्शिता व अनुशासन लाना है।


नई गाइडलाइन के तहत अब बसों का ठहराव केवल रजिस्टर्ड बस स्टैंड पर ही होगा। साथ ही बस में उसकी निर्धारित क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को बैठाने की अनुमति होगी। हर बस में एक कंप्लेन रजिस्टर रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि यात्री अपनी शिकायत दर्ज कर सकें और उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सके।


अक्सर बस संचालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था के तहत अब निर्धारित किराए से अधिक वसूली करना अपराध माना जाएगा। डीटीओ ने निर्देश दिया है कि सभी बस स्टैंड और बसों के अंदर किराए की सूची चिपकाना अनिवार्य होगा, जिससे यात्रियों को सही जानकारी मिल सके।


प्रस्तावित किराया वृद्धि के अनुसार, 50 किलोमीटर तक के लिए 15%, 100 किलोमीटर तक 14%, 150 किलोमीटर तक 13%, 200 किलोमीटर तक 12%, 250 किलोमीटर तक 11% और 300 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 10% तक किराया बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।


यह फैसला मोटरयान अधिनियम के तहत मिले अधिकारों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे यात्रियों को राहत मिलेगी और बस सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। कुल मिलाकर, बिहार में बस सेवा को व्यवस्थित और यात्री हितैषी बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।