Bihar News : बिहार में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। अब मकान का नक्शा पास कराने के लिए लंबे समय तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी कम हो सकती है। राज्य सरकार भवन निर्माण से जुड़े नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नए बिल्डिंग बायलाज के तहत नक्शा स्वीकृति की समयसीमा तय करने के साथ छोटे भूखंडों पर मकान बनाने वालों को भी राहत देने की योजना है।


बिहार बिल्डिंग बायलाज के संशोधित प्रारूप को मंत्री समूह की समीक्षा के बाद अंतिम रूप दे दिया गया है। इसमें भवन निर्माण की प्रक्रिया को आसान बनाने और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने पर जोर दिया गया है। अब इस संशोधित प्रारूप को राज्य मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद नए नियमों को लागू करने का रास्ता साफ होगा।


प्रस्तावित व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव नक्शा पास कराने की समयसीमा को लेकर किया गया है। नए नियमों के अनुसार, यदि आवेदन जमा करने के 30 दिनों के भीतर संबंधित प्राधिकरण की ओर से नक्शे पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो उसे स्वीकृत माना जाएगा। इस प्रावधान का उद्देश्य नक्शा मंजूरी की प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करना है। हालांकि, यह व्यवस्था संशोधित नियमों को अंतिम मंजूरी मिलने और लागू होने के बाद ही प्रभावी होगी।


नए नियमों में छोटे और संकरे प्लॉट पर मकान बनाने वालों के लिए भी राहत का प्रस्ताव है। जानकारी के मुताबिक, 10 मीटर तक चौड़े भूखंडों के लिए सेटबैक नियमों में पूरी छूट देने पर विचार किया गया है। सेटबैक वह खाली जगह होती है, जिसे भवन निर्माण के दौरान प्लॉट की सीमा और मकान के बीच छोड़ना पड़ता है। छोटे भूखंडों पर इस नियम के कारण निर्माण की जगह सीमित हो जाती है। ऐसे में प्रस्तावित छूट से मकान का नक्शा तैयार करने और निर्माण की योजना बनाने में आसानी हो सकती है।


भवन निर्माण से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव में फ्लोर एरिया रेशियो यानी FAR को सामान्य रूप से तीन रखने का प्रस्ताव है। FAR के आधार पर यह तय होता है कि किसी भूखंड पर उसके कुल क्षेत्रफल के मुकाबले कितने क्षेत्र में निर्माण किया जा सकता है। इसके अलावा निर्धारित सीमा के भीतर अतिरिक्त शुल्क जमा कर FAR बढ़ाने का विकल्प देने पर भी विचार किया गया है। इससे जमीन के आकार और निर्माण की जरूरत के अनुसार भवन बनाने की सुविधा मिल सकती है।


प्रस्तावित नियमों में 10 मीटर तक ऊंचे मकानों के लिए स्व-प्रमाणन यानी सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था भी शामिल है। इसके तहत भवन निर्माण से संबंधित निर्धारित शर्तों के अनुसार आवेदक स्वयं प्रमाणन कर सकेगा। पहले इस श्रेणी के लिए 24 मीटर तक की ऊंचाई की सीमा प्रस्तावित किए जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन संशोधित प्रारूप में इसे घटाकर 10 मीटर किया गया है।


नई व्यवस्था में नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने पर भी जोर दिया गया है। आवेदक को निर्धारित पोर्टल पर भवन का नक्शा अपलोड करना होगा और तय शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर ऑनलाइन माध्यम से स्वीकृति प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा देने का प्रस्ताव है। इससे लोगों को बार-बार कार्यालय जाने और कागजी औपचारिकताओं में लगने वाले समय से राहत मिल सकती है।


कुल मिलाकर, बिहार में प्रस्तावित नए बिल्डिंग बायलाज का मकसद मकान बनाने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। नक्शा पास कराने के लिए 30 दिनों की समयसीमा, छोटे भूखंडों के लिए सेटबैक में राहत और ऑनलाइन स्वीकृति जैसी व्यवस्थाएं लागू होने पर आम लोगों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, इन सभी बदलावों पर अंतिम फैसला राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही होगा।