Bihar News: बिहार में घर बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। राज्य सरकार ने भवन निर्माण की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए बिहार बिल्डिंग बायलाज 2026 का मसौदा तैयार किया है। नए नियम लागू होने के बाद छोटे और मध्यम आकार के भवनों का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी सरल हो सकती है।
नए बायलाज में सबसे बड़ा बदलाव सेल्फ-सर्टिफिकेशन प्रणाली को लेकर किया गया है। इसके तहत तय श्रेणी के भवनों के लिए लोगों को नगर निकायों से नक्शा स्वीकृति लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आवेदक अधिकृत तकनीकी विशेषज्ञ से भवन योजना तैयार कराकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद स्वीकृति प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।
30 दिन में नहीं हुआ फैसला तो मानी जाएगी मंजूरी
नए नियमों में डीम्ड परमिशन यानी स्वत: स्वीकृति का भी प्रावधान रखा गया है। इसके अनुसार यदि किसी व्यक्ति ने भवन योजना की मंजूरी के लिए आवेदन किया और संबंधित प्राधिकरण 30 दिनों के भीतर उस पर कोई निर्णय नहीं लेता है, तो योजना को स्वीकृत माना जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य है कि भवन निर्माण से जुड़ी फाइलों के लंबित रहने की समस्या कम हो और लोगों को समय पर अनुमति मिल सके।
छोटे भवनों को मिलेगा सेल्फ-सर्टिफिकेशन का लाभ
प्रस्तावित व्यवस्था में कई श्रेणियों के भवनों को शामिल किया गया है। इसमें 24 मीटर तक ऊंचे आवासीय भवन और प्रति तल अधिकतम 750 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के भवन सेल्फ-सर्टिफिकेशन के दायरे में आएंगे।
इसके अलावा शैक्षणिक भवन, संस्थागत भवन, वाणिज्यिक भवन, औद्योगिक भवन और भंडारण भवनों के लिए भी अलग-अलग मानक तय किए गए हैं।
प्रस्ताव के अनुसार—
- आवासीय भवन: अधिकतम 24 मीटर ऊंचाई और 750 वर्गमीटर प्रति तल क्षेत्रफल
- शैक्षणिक भवन: 9 मीटर ऊंचाई और 500 वर्गमीटर प्रति तल क्षेत्रफल
- संस्थागत भवन: 15 मीटर ऊंचाई और 500 वर्गमीटर प्रति तल क्षेत्रफल
- वाणिज्यिक भवन: 15 मीटर ऊंचाई और 250 वर्गमीटर प्रति तल क्षेत्रफल
- औद्योगिक भवन: 15 मीटर ऊंचाई और 2000 वर्गमीटर प्रति तल क्षेत्रफल
सभी नगर निकायों में लागू होंगे नए नियम
बिहार बिल्डिंग बायलाज 2026 का इस्तेमाल राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, महानगरीय क्षेत्र और नियोजन क्षेत्रों में किया जाएगा। यह नियम नए निर्माण के साथ-साथ पुनर्निर्माण, भवन विस्तार, उपयोग परिवर्तन और भूमि विकास पर भी लागू होंगे।
मसौदे में भवन निर्माण से जुड़े कई तकनीकी मानकों को भी स्पष्ट किया गया है। इसमें कमरों की ऊंचाई, रसोई, बाथरूम, सीढ़ी और निकास व्यवस्था के लिए न्यूनतम मानक तय किए गए हैं।
लोगों से मांगे गए सुझाव
सरकार ने इस मसौदे पर विशेषज्ञों और आम लोगों से आपत्ति एवं सुझाव मांगे हैं। सुझावों पर विचार करने के बाद इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद नए नियम लागू किए जाएंगे।
नए बायलाज से उम्मीद है कि बिहार में भवन निर्माण की अनुमति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होगी। इससे आम लोगों को नक्शा पास कराने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है और राज्य में शहरी विकास को भी गति मिलने की संभावना है।