Bihar Building Bye Laws 2026: बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित बिल्डिंग बायलॉज 2026 के तहत भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों और तकनीकी कर्मियों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नए प्रावधानों में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई बिल्डर या तकनीकी व्यक्ति पेशेवर आचरण से भटकता है, गलत या भ्रामक जानकारी देकर भवन निर्माण की अनुमति प्राप्त करता है या स्वीकृत नक्शे और मानकों के विपरीत निर्माण करता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
फिलहाल यह बायलॉज प्रस्ताव के रूप में है, जिसे आपत्तियों के बाद मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। नगर विकास विभाग के सूत्रों के अनुसार, यदि किसी बिल्डर द्वारा नक्शे के प्रावधानों का उल्लंघन किया जाता है या उसके खिलाफ शिकायत मिलती है, तो जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी बिल्डर या तकनीकी कर्मी पर कार्रवाई से पहले संबंधित प्राधिकरण उसे कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। इस नोटिस में कार्रवाई के कारण स्पष्ट होंगे और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिनों का समय दिया जाएगा।
जवाब मिलने के बाद प्राधिकरण द्वारा उसका मूल्यांकन किया जाएगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित व्यक्ति को डिबार (प्रतिबंधित) या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। प्राधिकरण का निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा और इसकी जानकारी नोटिस बोर्ड के साथ-साथ सरकारी वेबसाइट पर भी प्रकाशित की जाएगी, ताकि आम लोग भी इससे अवगत हो सकें।
नए प्रावधानों के तहत यदि किसी व्यक्ति को प्राधिकरण के फैसले पर आपत्ति होती है, तो वह अपील कर सकता है। यह अधिकार बिहार नगर निगम अधिनियम, 2007 और संबंधित धारा 79 के तहत दिया गया है। इस प्रावधान का उद्देश्य भवन निर्माण क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना, अनियमित निर्माण पर रोक लगाना और लोगों को सुरक्षित तथा मानकों के अनुरूप भवन उपलब्ध कराना है।